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मुस्लिम विधायकों के खिलाफ भड़काऊ पोस्टर, बवाल

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दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही उठापटक के बीच कांग्रेस नेताओं ने एक बार फिर कहा कि उनकी पार्टी किसी को समर्थन नहीं देने जा रही है।
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वहीं कांग्रेस के तीनों मुस्लिम विधायकों के खिलाफ सीमापुरी, मुस्तफाबाद और किशनगंज में पोस्टर लगाए जाने से नया बवाल खड़ा हो गया है। सीमापुरी थाना पुलिस ने धार्मिक भावना भड़काना, किसी धर्म का अपमान करना और प्रिंटिंग प्रेस एंड बुक एक्ट में मामला दर्ज किया है।
 
कांग्रेस विधायक दल के नेता हारून यूसुफ और विधायक जयकिशन ने कहा है कि कांग्रेस किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन देकर उसकी सरकार नहीं बनवा रही है। हारून ने कहा है कि भाजपा सिर्फ मीडिया हाइप बना रही है।
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ये बात पब्लिक में क्यों नहीं बोलते केजरी?

वहीं उत्तर-पूर्वी दिल्ली की विधानसभा में चौधरी मतीन अहमद, हसन अहमद और आसिफ मोहम्मद खान का पोस्टर लगा गया है, जिसमें उन्हें आरएसएस का एजेंट बताने के साथ ही भाजपा की सरकार बनवाने वाले गद्दार कहा गया है।

पोस्टर पर यह भी लिखा है कि अगर इन्होंने सरकार बनवाई तो घेराव किया जाएगा। पोस्टर पर इसे लगाने वाले का नाम नहीं लिखा है। लेकिन कांग्रेस विधायक चौधरी मतीन अहमद का आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने पोस्टर लगवाए हैं। किशनगंज में तो कहा सुनी भी हुई है।

मतीन अहमद का कहना है कि अगर भाजपा मुसलमानों की दुश्मन पार्टी है तो केजरीवाल यह पब्लिक में जाकर क्यों नहीं कहते? पुलिस ने इस मामले में तीन-चार लोगों को हिरासत में भी लिया है।
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'तो इसलिए AAP ने लगवाए पोस्टर'

उत्तर-पूर्वी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आरएस सागर धार्मिक भावना भड़काने या किसी धर्म का अपमान करने से जुड़ी धारा 153ए, धारा 295ए और प्रिंटिंग प्रेस एंड बुक एक्ट के तहम मामला दर्ज किया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कांग्रेस विधायक चौधरी मतीन अहमद ने कहा कि ‘आप’ नेता अपनी सरकार बनवाने के लिए रेगुलर मुझे संपर्क कर रहे हैं। लालच भी दिया है। उनकी बात नहीं मानी तो अब तीनों मुस्लिम विधायकों को एक कटघरे में खड़ा करके पोस्टर लगवा दिए। हमारे खिलाफ घेराव प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। मैं पूछता हूं आम आदमी पार्टी में कोई मुस्लिम नेता है जो कौम के हित की बात कर सके।

पार्टी के एक और विधायक जयकिशन ने कहा कि मैंने समर्थन का कोई पत्र किसी पार्टी को नहीं दिया। भाजपा के कुछ नेता मेरे दोस्त भी हैं। मिलता-जुलता हूं, खाना भी उनके साथ खाता हूं। लेकिन मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं। मैं जो बोलता हूं, वहीं करता हूं। बात नहीं बदलता।
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