भ्रष्टाचार की जड़ें समाज में बहुत गहरी हैं और यह देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। अदालत ने यह टिप्पणी भ्रष्टाचार मामले में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी संदीप गर्ग व पिता समेत पांच को चार साल कैद की सजा सुनाते हुए की।
आईएएस अधिकारी के पास घोषित आय से 3.18 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति मिली थी। साकेत जिला अदालत के सीबीआई जज अधिकारी भूपेश कुमार ने संदीप गर्ग के पिता स्वामी शरण गर्ग, उसके भाई राजीव गर्ग, उसके दो मित्र अतुल जिंदल व सुमन सरीन को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने संदीप पर 25 लाख रुपये का व अन्य चार आरोपियों पर भी अलग-अलग जुर्माना लगाया है।