दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज के बाहर छात्र संगठन के कथित रूप से देश विरोधी नारेबाजी किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज हो या नहीं, इस पर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। शनिवार को इस मामले में दोनों पक्षों के बीच आखिरी बहस हुई। अदालत 7 नवम्बर को फैसला सुनाएगी।
तीस हजारी अदालत के महादंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा के समक्ष दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत ने कहा कि अब इस केस में बहस के लिए विशेष तथ्य बाकी नहीं हैं। लिहाजा, अदालत अपना फैसला 7 नवंबर तक सुरक्षित रखती है।
अदालत के समक्ष वकील विवेक गर्ग ने देश विरोधी नारेबाजी किए जाने के मामले में जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच की मॉनिटरिंग की मांग की।