आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में दिल्ली का औसत एक्यूआई 172 रहा, जो 2024 में 187, 2023 में 174, 2022 में 194, 2021 में 192, 2020 में 147, 2019 में 199 और 2018 में 203 था। वहीं, इस वर्ष अगस्त माह में 'अच्छे-संतोषजनक' दिन 23 रहे, जबकि 2018 में 19 दिन, 2019 में 22 दिन, 2020 में 31 दिन, 2021 में 11 दिन, 2022 में 18 दिन, 2023 में 8 दिन और 2024 में 29 दिन थे।
सीएक्यूएम के अनुसार, अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों और विभिन्न हितधारकों के प्रयासों से अगस्त माह में औसत एक्यूआई में भी पिछले कुछ वर्षों में सुधार देखा गया है। अगस्त माह का औसत सूचकांक 2025 में 89, 2024 में 72, 2023 में 116, 2022 में 93, 2021 में 107, 2020 में 64, 2019 में 86 और 2018 में 111 दर्ज किया गया।
इसके अलावा, 2025 में जनवरी-अगस्त की अवधि में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब एक्यूआई 400 गंभीर श्रेणी से अधिक हो। आंकड़ों पर नजर डालें तो, 2018 में 6, 2019 में 7, 2020 में 2, 2021 में 6, 2022 में 1, 2023 में 3 और 2024 में 3 ऐसे दिन दर्ज किए गए थे। साथ ही, इस अवधि में 65 संतोषजनक दिन दर्ज किए गए, जो 2020 में 87 दिन को छोड़कर पिछले वर्षों में सबसे अधिक है। अन्य वर्षों में यह संख्या 2018 में 40, 2019 में 35, 2021 में 42, 2022 में 50, 2023 में 50 और 2024 में 48 थी।
पीएम2.5 और पीएम10 में कमी
सीएक्यूएम के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जनवरी से 27 अगस्त तक के दौरान पीएम2.5 का औसत स्तर 74 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो 2020 को छोड़कर 2018 के बाद से सबसे कम है। तुलना के लिए 2024 में 86, 2023 में 78, 2022 में 85, 2021 में 90, 2020 में 68, 2019 में 91 और 2018 में 95 2020 को छोड़कर था। इसी तरह, पीएम10 का औसत स्तर 2025 में 169 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो 2024 में 192, 2023 में 176, 2022 में 201, 2021 में 198, 2020 में 136, 2019 में 206 और 2018 में 221 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की तुलना में सबसे कम है।