साध्वी निरंजन ज्योति के बयान से उपजे बवाल से प्रदेश भाजपा के भी होश उड़े हुए हैं। पिछले दो दिनों से ज्योति के तय कार्यक्रम लगातार निरस्त किए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को भी गोल मार्केट में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए योजना बनी थी। लेकिन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। दरअसल, इस बवाल के बाद पार्टी ने यह तय किया है कि बड़बोले नेताओं को दिल्ली केचुनाव प्रचार से दूर ही रखा जाए तो बेहतर होगा।
साध्वी के विवादास्पद बयान से भाजपा को यह चिंता सताने लगी है कि कैसे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सदस्यता अभियान से जोड़ा जाए। पार्टी ने तय किया था कि दिल्ली में एक लाख मुस्लिम लोगों को पार्टी अपना सदस्य बनाएगी, लेकिन यह संभव होता नहीं देख पार्टी ने नई रणनीति तैयार की है।
इस बयान से हुए नुकसान को भरने के लिए पार्टी ने तय किया है कि दिल्ली की सभी विधानसभाओं में मुस्लिम सम्मेलन आयोजित किए जाएं, ताकि प्रधानमंत्री के उस बयान को बल मिल सके, जिसमें मोदी बार-बार कहते हैं कि हमारे गुलदस्ते में सभी रंगों के फूल हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी कहा कि भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार केंद्र में बनी है तो इसमें मुस्लिम समुदाय का भी महत्वपूर्ण सहयोग है। दिल्ली में एक लाख मुस्लिम समुदाय को सदस्य बनाने का जो लक्ष्य मोर्चे ने लिया है वह पूरी पार्टी के लिए प्रेरणा का कार्य कर रहा है।
यह भी एक वजह है कि दिल्ली की सदस्यता 11.34 लाख तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनने से भाजपा के मुस्लिम नेता सिकंदर बख्त, बेगम खुर्शीदा किदवई और इम्दाद साबरी जैसे नेताओं को बहुत सकून मिल रहा होगा। अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष आतिफ रशीद ने पार्टी कार्यकर्त्ताओं को अगले दो माह तक दिन रात पार्टी के लिए कार्य करने को कहा है।