वर्ष 2016 नोएडा वासियों को कई सौगातें लेकर आएगा। पांच प्रोजेक्ट ऐसे हैं जो अप्रैल से अक्तूबर तक की अवधि में पूरे होने हैं। एलिवेटेड रोड, अंडरपास, यमुना ब्रिज, मल्टीलेवल कार पार्किंग और सिटी बस सर्विस चालू होते ही हाईटेक शहर और बेहतर दिखेगा।
इससे शहर के लोगों की काफी हद तक शिकायतें भी दूर हो जाएंगी। शनिवार को नोएडा प्राधिकरण के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर एके गोयल ने इन प्रोजेक्ट का मौके पर मुआयना किया। उन्होंने अब तक के काम पर संतुष्टि जाहिर करते हुए तीनों प्रोजेक्ट तय समय पर शुरू होने की उम्मीद जताई।
पहला प्रोजेक्ट: एलिवेटेड रोड-
मास्टर प्लान रोड नंबर दो पर एलिवेटेड रोड बन रहा है। सेक्टर-61 के शॉप्रिक्स मॉल से सेक्टर-33 स्थित अग्रसेन भवन तक का रोड बनकर चालू हो जाएगा। इसके बनने से मॉडल टाउन होकर गाजियाबाद की तरफ से और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तरफ से आने वाले वाहन शॉप्रिक्स मॉल से अग्रसेन भवन तक बिना रुके जा सकेंगे।
हालांकि अग्रसेन भवन से शॉप्रिक्स मॉल की तरफ आने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। इसकी वजह रोड के ऊपर 132 केवी की बिजली लाइन है। इसे शिफ्ट करने में वक्त लगेगा। वहीं, अग्रसेन भवन से विश्वभारती स्कूल तक का एलिवेटेड रोड 2017 में बनकर तैयार होगा।
दूसरा प्रोजेक्ट: अंडरपास-
मॉडल टाउन अंडरपास जून 2016 तक चालू हो जाएगा। अब तक आधे से ज्यादा काम हो चुका है। इसके बनने से नोएडा और इंदिरापुरम के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिल जाएगी। मॉडल टाउन तिराहा सिग्नल फ्री होने से रोजाना जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। इस अंडरपास के बनने से नोएडा से दिल्ली और पुराने गाजियाबाद की तरफ जाना भी आसान हो जाएगा।
तीसरा प्रोजेक्ट: यमुना ब्रिज-
यमुना ब्रिज भी अक्तूबर 2016 तक चालू होने की उम्मीद है। यमुना नदी पर ओखला बैराज से करीब 120 मीटर दूरी पर बन रहे इस पुल के पिलर बनने लगे हैं। जनवरी से गर्डर बिछाने की तैयारी है। नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहन इसी पुल से गुजरेंगे, जबकि दिल्ली से नोएडा आने वाले वाहन मौजूदा पुल का इस्तेमाल करेंगे। इस पुल के बनने से ओखला बैराज पर लगने वाले जाम से राहत मिल जाएगी।
चौथा प्रोजेक्ट: मल्टीलेवल कार पार्किंग-
सेक्टर-18 में बन रही मल्टीलेवल कार पार्किंग भी जून 2016 तक चालू हो जाएगी। डबल बेसमेंट सहित छठी मंजिल पर काम शुरू हो गया है। इसके बाद दो मंजिल और बनेंगे। इस पार्किंग में 3000 से ज्यादा कारें एक साथ खड़ी हो सकेंगी। इसके बनने से सेक्टर-18 में पार्किंग की समस्या खत्म हो जाएगी। सड़कों पर पार्किंग नहीं हो सकेगी। इससे मार्केट में घूमना आसान हो जाएगा। बता दें कि इसी पार्किंग के बेसमेंट को तैयार कर वाहनों की पार्किंग शुरू की गई थी, मगर हाईकोर्ट से रोक लगने के बाद इसे बंद कर दिया गया।
पांचवां प्रोजेक्ट : सिटी बस सर्विस-
नोएडा वासियों को यह सुविधा अप्रैल से मिलने लगेगी। इसका ठेका मुंबई की एक कंपनी को दिया जा चुका है। ये सभी वातानुकूलित बसें होंगी। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा वासियों को यहां की जर्जर बसों और टेंपो में सफर नहीं करना पड़ेगा। साथ ही टेंपो की संख्या घटने से बाकी वाहनों के लिए सड़क पर चलना आसान हो जाएगा। सिटी बसों के संचालन में 11 वर्ष केभीतर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।