खंड के गांव पाठखोरी का पशु अस्पताल मंगलवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही खुल गया। पशु चिकित्सकों ने गांव में जाकर सैकड़ों पशुुओं की जांच की और उन्हें दवाईयां भी दीं।
काफी दिनों से पशु अस्पताल पर पडे़ ताले को लेकर ग्रामीणों ने आवाज उठाई थी, जिसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। उल्लेखनीय है कि गांव पाठखोरी का पशु अस्पताल पिछले कई दिनों से बंद पड़ा था।
ग्रामीणों ने इसको लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया था लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।
इस बीच ग्रामीणों की शिकायत पर अमर उजाला टीम ने गांव पाठखोरी का दौरा किया, जहां कई गांवों के लिए बनाए गए पशु अस्पताल पर ताला लटका हुआ मिला था।
मंगलवार को अमर उजाला ने इसकी खबर प्रकाशित कर संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया। इसके बाद इस पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए मंगलवार को पशु अस्पताल को खुलवा दिया और विभाग के एसडीओ डॉ. विजेन्द्र धवन ने पशु चिकित्सकों को गांव में बने अस्पताल में निर्धारित समय पर ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश दिए।
इस बीच ग्रामीण पशुपालक साजिद हुसैन, कमरुदीन, साहून खान, हिस्सी और रहीश खान आदि ने अमर उजाला का आभार जताया।
उपमंडल पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. विजेन्द्र धवन ने कहा कि वह स्वयं जाकर पशु डिस्पेंसरी का निरीक्षण करेंगे। गांव के पशुओं को सुविधा मिले, इसके लिए उनका विभाग एवं अधिकारी प्रतिबद्ध हैं।