छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में डीएवी कॉलेज से निष्कासित एक छात्र ने बृहस्पतिवार को परीक्षा फार्म जमा नहीं करने पर प्राचार्य कक्ष के भीतर आत्मदाह की कोशिश की।
इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्र को हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबिक करीब छह माह पहले एक छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में छात्र को कालेज से निकाल दिया गया था।
बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे बीए तृतीय वर्ष के छात्र ने परीक्षा फार्म जमा न करने पर प्राचार्य कक्ष के भीतर अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया और आग लगाने की धमकी दी।
मौके पर मौजूद कॉलेज स्टाफ ने जैसे-तैसे उसे रोका। इसके बाद प्राचार्या ने तुरंत पुलिस बुला दी। पुलिस ने छात्र को हिरासत में लिया और पूछताछ की।
आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र ने पुलिस को बताया कि वह बीए तृतीय वर्ष का छात्र है और उसने बैंक में परीक्षा फीस जमा कर दी है।
अब फार्म कॉलेज में नहीं लिया जा रहा है। इसलिए उसने आत्मदाह करने की कोशिश की। वहीं, प्राचार्या ने पुलिस को बताया कि छात्र को छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में कॉलेज से निकाल दिया गया है।
हम इसका रेगुलर में परीक्षा फार्म स्वीकार नहीं कर सकते।
यह है मामला
29 जुलाई 2013 को कॉलेज में ही एक छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट करने के आरोप में छात्रा ने आरोपी छात्र पर एफआईआर दर्ज कराई।
इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्र को कॉलेज से निकाल दिया। हालांकि छात्र का कहना है कि कुछ दिन बाद ही छात्रा के परिवार ने अपनी शिकायत वापस ले ली। कॉलेज की ओर से मुझे निकाले जाने का लिखित में कोई नोटिस नहीं मिला है।
जो खिलाफ थे आज साथ खड़े हैं
जब छात्रा से छेड़छाड़ हुई थी। तब सभी छात्र आरोपी को कॉलेज से निकलवाने के लिए कॉलेज प्रशासन पर दबाव बना रहे थे लेकिन आज उनमें से ही कुछ छात्र नेता आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र के पक्ष में दलील दे रहे दिखे।