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आईएमए की मांग: पीएम मोदी को करना चाहिए हस्तक्षेप, डॉक्टरों को दिलाएं इंसाफ

Tue, 07 Dec 2021 12:51 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

नीट पीजी काउंसलिंग को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि नए दिशा निर्देशों के साथ सरकार जल्द ही इसकी तिथि घोषित करेगी। इसे करीब एक महीने का वक्त हो चुका है जिसके चलते अब रेजीडेंट डॉक्टरों का विरोध बढ़ गया है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर जहां एक तरफ देश भर में रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है। वहीं सोमवार को दिल्ली में इसकी वजह से काफी मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जेए जयालाल ने कहा कि पीएम मोदी को इस मसले में हस्तक्षेप करना चाहिए और डॉक्टरों को इंसाफ दिलाना चाहिए।

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सरकार क्यों पीजी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है? आखिर ऐसी क्या वजह है कि सरकार को बार बार काउंसलिंग में देरी करनी पड़ रही है। इस पर स्पष्टता होना बहुत जरूरी है। इसलिए पीएम मोदी को तत्काल निर्देश जारी करने चाहिए। राज्यों को अपने अपने मेडिकल कॉलेज में 50-50 फीसदी सीटों पर प्रवेश देने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा था जल्द करेगी तिथि घोषित
दरअसल नीट पीजी काउंसलिंग को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि नए दिशा निर्देशों के साथ सरकार जल्द ही इसकी तिथि घोषित करेगी। इसे करीब एक महीने का वक्त हो चुका है जिसके चलते अब रेजीडेंट डॉक्टरों का विरोध बढ़ गया है। देश भर में मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र ओपीडी, आपातकालीन सेवाएं और ऑपरेशन इत्यादि में अपनी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दे रहे हैं।

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