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350 करोड़ की भूमि पर बिल्डरों ने किया अवैध कब्जा

Sun, 08 Jun 2014 10:17 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गुड़गांव
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अवैध कब्जा करने के मामले में गुड़गांव के बिल्डर भी पीछे नहीं हैं। इसका खुलासा नगर निगम की एक रिपोर्ट में हुआ है।
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इसमें बताया गया है कि निगम की करीब 55 एकड़ जमीन पर बिल्डरों का अवैध कब्जा है। कब्जाई गई जमीन की कीमत करीब 350 करोड़ रुपये बताई गई है।

बता दें कि निगमायुक्त प्रवीण कुमार के निर्देश पर निगम ने जमीन को लेकर एक सर्वे किया है। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।

इसमें शहर में अवैध कब्जे के संबंध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। निगमायुक्त को सौंपी गई रिपोर्ट में बिल्डरों के कब्जे में करीब 55 एकड़ जमीन दर्शाई गई है। कब्जा करने वालों में छोटे-बड़े बिल्डरों के साथ एक नामी स्कूल भी शामिल है।

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गांवों के रास्ते के रूप में इस्तेमाल होने वाली जमीनों पर अवैध कब्जा कर बिल्डरों ने इसे लाइसेंसी कॉलोनियों का हिस्सा बना लिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद निगमायुक्त के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त वत्सल वशिष्ठ ने बिल्डरों को नोटिस देकर जवाब देने को कहा है।
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निगमायुक्त का कहना है कि बिल्डरों से कहा गया है कि वे जमीन के बदले जमीन दें या फिर मौजूदा मार्केट रेट से इसकी कीमत चुकाएं। कोई बिल्डर ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किस जोन में कितनी जमीन पर कब्जा
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक कब्जा जोन दो में किया गया है। यहां 23 एकड़ जमीन पर कब्जा है। जोन एक में 22 एकड़, जोन तीन और चार में करीब 10-11 एकड़ जमीन पर कब्जा है। उन्होंने बताया कि जोन एक में पुराने शहर के हिस्से के साथ पटौदी रोड और एक्सप्रेसवे के साथ की कॉलोनियां हैं। जोन दो में पालम विहार, सेक्टर 22, 23 से दिल्ली बॉर्डर और उद्योग विहार तक, जोन तीन में पूरा नया शहर और जोन चार में बादशाहपुर रोड और बादशाहपुर का हिस्सा शामिल है।
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सीनियर डिप्टी मेयर का आयुक्त को पत्र
सीनियर डिप्टी मेयर यशपाल बतरा ने रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए निगमायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने निगामयुक्त से अवैध कब्जा वाले जमीन का कोई हल निकालने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बेशकीमती जमीन पर वर्षों से बिल्डर कब्जा जमाए बैठे हैं। पूरी रिपोर्ट एकत्रित कर उनसे कब्जे के समय से अब तक के मार्केट रेट से कमर्शियल किराया वसूल करना चाहिए।
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