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आईआईटी हॉस्टल मेस में मांसाहारी खाना बंद

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उच्च शिक्षण संस्थानों में मांसाहारी व शाकाहारी भोजन के लिए अलग व्यवस्था करने का मुद्दा अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में भी उठने लगा है।
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हालांकि छात्रों की धार्मिक भावनाएं आहत न हो इसको लेकर आईआईटी दिल्ली पहले से सजग है। छात्रों की डिमांड पर बीते कुछ माह से आईआईटी दिल्ली के सभी 13 हॉस्टल की मेस में मांसाहारी खाना बंद किया गया है। मांसाहारी खाने की सप्लाई प्राइवेट वेंडर के जरिये की जा रही है।

मालूम हो कि मध्यप्रदेश कटनी निवासी शंकरलाल सतेंद्र कुमार जैन की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्री को एक पत्र लिखा गया। इसमें उनसे आग्रह किया गया कि आईआईटी आदि संस्थानों में शाकाहारी छात्रों के लिए अलग से भोजनशाला की व्यवस्था की जाए।
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एमएचआरडी को शाकाहारी भोजनशाला अलग करने को लेकर मिला पत्र

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से सभी आईआईटी निदेशकों को इस पत्र को भेजते हुए इस पर वह क्या कार्रवाई कर रहे हैं इससे अवगत कराने को कहा गया।

इस संबंध में आईआईटी के डीन (स्टूडेंट अफेयर्स) प्रो. शरद कुमार गुप्ता ने बताया कि इस पत्र के आने से पहले ही छात्रों की डिमांड पर सभी हॉस्टलों में मांसाहारी खाने की व्यवस्था नहीं है। यह व्यवस्था पांच माह से बंद है।

दरअसल, मांसाहारी भोजन करने वाले छात्रों को यह लगता था कि एक तो यह जेब पर मंहगा पड़ता है वहीं अस्वच्छ भी है। जिन छात्रों को नॉन वेज खाना होता है उनके लिए बीते तीन सप्ताह से प्राइवेट वेंडर के जरिये सप्लाई की जा रही है।

इसके लिए उन्हें एक दिन पहले नॉन वेज खाने की इच्छा जाहिर करनी होती है। वहीं, आईआईटी में मौजूद दो कैंटीन में भी नॉन वेज खाने की व्यवस्था है। इस तरह से उनके यहां किसी प्रकार की दिक्कत व परेशानी नहीं है।
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