हाल ही में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो की तर्ज पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने भी नियमों में बदलाव करते हुए प्रति व्यक्ति शराब की दो सीलबंद बोतलें ले जाने की इजाजत दी थी। दिल्ली मेट्रो में मिली छूट के बाद लोग शराब की बोतल लेकर एक्वा लाइन के मेट्रो स्टेशनों पर पहुंचने लगे हैं। सोमवार को कई यात्री मेट्रो स्टेशनों की टिकट विंडो से शराब ले जाने के नियमों की जानकारी लेते दिखे। इसे देखते हुए एनएमआरसी ने सभी स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा दी है।
मेट्रो स्टेशनों के बाहर तैनात होंगे आबकारी अधिकारी
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। अब तक आबकारी विभाग के सचल दल दस्ते दिल्ली-नोएडा की सीमाओं पर मुस्तैद दिखाई देते थे। अब मेट्रो स्टेशनों के बाहर भी चेकिंग की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था की जा रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दिल्ली मेट्रो के 14 और एक्वा मेट्रो के 21 स्टेशन हैं।
पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए
दिल्ली मेट्रो में शराब ले जाने की छूट मिली है लेकिन पीने के शौकीनों ने इसका गलत मतलब ही निकाल लिया है। पुलिस और मेट्रो सुरक्षा कर्मियों को स्टेशन परिसरों में शराब का सेवन करने की कुछ शिकायतें मिली हैं। दिल्ली मेट्रो रेल प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया है कि मेट्रो परिसर में शराब पीने पर सख्त पाबंदी रहेगी। शराब ले जाने की छूट का मतलब ये नहीं कि शराब के नशे में मेट्रो कोच या परिसर के अंदर अमर्यादित व्यवहार करें।
नोएडा में इन नियमों का रखें ध्यान, अपराध जुर्माना
नशे में सफर करना, 200 रुपये
प्रतिबंधित सामग्री ले जाना, 200 रुपये
गलत तरीके से प्रवेश करना, 150 रुपये
मेट्रो ट्रैक पर पैदल चलना, 150 रुपये
मेट्रो के दरवाजों से छेड़छाड़, 5000 रुपये
मेट्रो कर्मियों के काम में बाधा, 500 रुपये