आपको सुनकर यह अटपटा जरूर लगेगा लेकिन मौजूदा स्थिति के अनुसार यदि आप आज दिल्ली में बिजली उपभोक्ता बनना चाहते हैं तो कनेक्शन लेने के साथ ही करीब 60 हजार रुपये के कर्जदार हो जाएंगे। बिजली कंपनियों का दावा है कि बिजली कीमत नहीं बढ़ने से उपभोक्ताओं पर करीब 28,400 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है।
बिजली कंपनियों के मुताबिक वर्ष 2005 से 2010 तक बिजली कीमत नहीं बढ़ने और बिजली खरीद की तुलना में बिजली कीमत तय नहीं होने की वजह से बिजली का बकाया 28,400 करोड़ रुपये हो गया है।
दिल्ली में करीब 50 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। लिहाजा एक उपभोक्ता पर औसतन 60 हजार रुपये का बकाया हो गया। हालांकि यह रकम उपभोक्ताओं की ओर से प्रति माह खर्च किए जाने वाली बिजली के अनुसार घट-बढ़ सकती है।
अभी भी सभी उपभोक्ताओं से पुराने बकाए के नाम पर डीईआरसी के आदेश पर आठ फीसदी सरचार्ज लिया जा रहा है। वर्तमान में लाखों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो वर्ष 2005 से 2010 के बीच दिल्ली के बिजली के उपभोक्ता नहीं थे।