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जेएनयू के फैसले के खिलाफ छात्रों की भूख हड़ताल

Thu, 28 Apr 2016 06:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हड़ताल पर बैठे छात्र
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में नौ फरवरी को देशविरोधी नारे लगाने के मामले में उच्चस्तीय कमेटी की रिपोर्ट के फैसले के खिलाफ छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया है। यह पहला मौका है कि जब विवि प्रबंधन के फैसले के खिलाफ लेफ्ट और राइट विंग ने एक साथ भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
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कुलपति कार्यालय के नीचे बुधवार सुबह छात्रसंघ संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी ने देशद्रोह और देशप्रेम पर एक समान सजा देने के फैसले पर आवाज उठायी तो वामपंथी छात्र सजा के विरोध में भूख हड़ताल पर रहेंगे।

लाल दुर्ग में यह पहला मौका है कि जब वामपंथी वर्सेस एबीवीपी एक साथ प्रशासन के खिलाफ ऐड ब्लॉक पर ही भूख हड़ताल कर रहा है। सौरभ शर्मा ने बुधवार सुबह अपना विरोध आंदोलन शुरू किया तो कन्हैया ग्रुप ने गंगा ढाबा से विरोध मार्च निकालते हुए रात से भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। विरोध के चलते छात्रों ने कक्षाओं का भी बहिष्कार किया। हालांकि इन दिनों छात्र सिर्फ प्रैक्टिकल या नोट आदि की तैयारी के लिए कक्षाओं में जाते हैं।
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इस वजह से आंदोलन पर हैं छात्र

कुलपति कार्यालय के नीचे सौरभ शर्मा ने नौ सवालों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। सौरभ के साथ पांच अन्य छात्र भी विरोध के चलते सहयोग दे रहे हैं।

सौरभ ने कमेटी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में वामपंथी नेता डी राजा की बेटी अपराजिता का नाम था जो सजा की रिपोर्ट कॉपी में गायब है।

वहीं, अनिर्बान को निलंबन करने के फैसले पर आखिर उसे दस दिनों की मोहलत किस आधार पर दी गयी है। वहीं, सौरभ ने पूछा है कि दोबारा कैंपस में देशविरोधी घटना न हो, उसके लिए विवि प्रबंधन ने क्या तैयारी की है।
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