फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी निवासी एक युवक की आगरा में हुई हत्या के विरोध में मृतक के परिजनों ने रविवार सुबह बाटा मोड़ के पास शव रख कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। हंगामा कर रहे परिजनों का आरोप था कि युवक का अपहरण करके उसकी हत्या की गई है।
मामला रविवार सुबह करीब 9:45 बजे का है, डबुआ कॉलोनी निवासी कुछ लोग मृतक सोनू का शव लेकर बाटा मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों ने जाम लगा दिया।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने के बाद भी गुस्साए लोग शांत नहीं हुए। लोग करीब पौन घंटे तक हंगामा करते रहे, इस दौरान मृतक के परिजनों ने सोनू की अपहरण के बाद हत्या का आरोप लगाया। काफी देर बाद रोजगार एवं श्रम मंत्री शिव चरण लाल शर्मा के पहुंचने और आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
कैसे हुई हत्या
डबुआ कॉलोनी निवासी सोनू कॉलोनी में बिल्डिंग मैटिरियल का काम करने वाले व्यापारी अनूप की गाड़ी पर चलाता था। अनूप के पिता भगवान दास आगरा के जगनेर ब्लॉक के गांव रिछौहा के पूर्व प्रधान हैं। बताया गया है कि भगवानदास का गांव के ही शैलू व देवेन्द्र नामक युवकों से किसी प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था।
करीब चार दिन पहले बृहस्पतिवार को अनूप चालक सोनू के साथ आगरा के भमनई रोड स्थित अपने गोदाम पर गया था। इसी दौरान गोदाम पर शैलू व देवेन्द्र ने हमला कर अनूप पर गोली चला दी। लेकिन गोली अनूप के चालक सोनू को लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
सोनू का आगरा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार रात सोनू के शव को फरीदाबाद लाया गया। लेकिन हत्या से गुस्साए परिजनों ने रविवार सुबह शव को रख कर जाम लगा दिया।
परिजनों का क्या है आरोप
हंगामे के दौरान मृतक सोनू के परिजनों का आरोप था कि अनूप ही सोनू को अपहरण करके आगरा ले गया था और वहां पर उसकी हत्या करवा दी।
इस मामले में डबुआ कॉलोनी पुलिस का कहना है कि मृतक की हत्या मामला आगरा के शाहगंज थाने में दर्ज है। पुलिस की टीम मामले की जानकारी के लिए वहां भेजी जा रही है।