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अस्पताल में शराब पीने पर बवाल, डॉक्टरों को पीटा

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गुड़गांव में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और कुछ तीमारदारों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिससे डॉक्टरों में भारी रोष है। मारपीट के विरोध में डॉक्टरों ने सोमवार सुबह दो घंटे अपनी सेवाएं स्थगित रखीं। जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई।
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मारपीट और डॉक्टरों के विरोध की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामला सुलझाया और आरोपियों के पकड़ने का आश्वासन दिया। डॉक्टरों ने भी 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

जानकारी के मुताबिक, गायनी वार्ड में भर्ती मरीज का तीमारदार छोटेलाल रात करीब 11 बजे वार्ड के बाहर सीढ़ी पर बैठकर शराब पीने लगा। वहां मौजूद गार्ड उसे उठाकर बाहर अस्पताल के चौकी में ले गया। इस पर तीमारदार के साथ आई महिला कुसुम ने फोन कर करीब 30 लोगों को बुला लिया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टर कपिल के साथ बदतमीजी की और धक्का-मुक्की की।
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'महिला के इशारे पर भीड़ ने की मारपीट'

डॉक्टर कपिल ने डॉ. टोनी जोवेल को आईसीयू से बुलाया। डॉक्टरों का आरोप है कि महिला के इशारे पर भीड़ ने दो डॉक्टर, दो वार्ड ब्वॉय, एक सुपरवाइजर और एक अन्य तीमारदार के साथ मारपीट की। हालांकि डॉक्टरों को काफी चोट नहीं आई, लेकिन वार्ड ब्वॉय अंकित और रमन को अधिक चोट आने की वजह से अस्पताल में ही भर्ती करना पड़ा।
 
करीब एक घंटे तक हुए इस हंगामे की फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद है। डॉक्टरों का कहना है कि इसकी सूचना तत्काल चौकी में दी गई, लेकिन वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी भीड़ को देखकर भाग गया।

इसके बाद इमरजेंसी नंबर पर सूचना देने पर दो पीसीआर आई, लेकिन तब तक भीड़ मारपीट करके जा चुकी थी। इसकी सूचना रात को ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को दी गई। सुबह आठ बजे ओपीडी खुलते ही डॉक्टरों में रात की घटना का रोष था।
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छोटेलाल पुलिस हिरासत में

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन की बैनर तले सिविल सर्जन के सामने समस्या रखी गई। जिससे दो घंटे ओपीडी की सेवाए बाधित रही।

अस्पताल प्रबंधक डॉ. मनीष राठी ने बताया कि सिविल सर्जन के मार्फत जिला उपायुक्त और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा को लेकर अवगत कराया गया। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। बता दें कि सिविल सर्जन के शिकायत पर कुसुम और छोटेलाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

डॉ. पुष्पा बिश्नोई, सिविल सर्जन: डॉक्टरों के साथ मारपीट का फुटेज पुलिस को सौंप दिया गया है। जिला उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई। चौंकी में भी पुलिस बढ़ाने को कहा है। मरीजों की संख्या पर लगाम लगाने के लिए टोकन सिस्टम भी शुरू कर रहे हैं।
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