ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव में मोटी कमाई की होड़ में ‘मौत’ की इमारतें खड़ी की जा रही हैं। 100 से 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पांच से छह मंजिली बिल्डिंग बनाकर बिल्डर करोड़ाें मुनाफा कमाते हैं। इस समय शाहबेरी में 150 से अधिक बिल्डिंग खड़ी हैं, जिनमें बने हजारों फ्लैटों में लोग रहते हैं।
क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले लोगों के मुताबिक शाहबेरी गांव में 100 वर्ग मीटर के भूखंड की कीमत करीब 25 लाख रुपये है। ज्यादातर भूखंड 150 से 200 वर्ग मीटर के हैं। उन पर बहुमंजिला इमारतें बनी हैं। शुक्रवार को प्राधिकरण ने जेपी हाइट्स बिल्डिंग को सील किया था।
यह बिल्डिंग 200 वर्ग मीटर भूखंड पर बनी है। इस भूखंड की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। इस पर छह मंजिला बिल्डिंग बनी है। स्थानीय ठेकेदारों के मुताबिक छह मंजिली इमारत बनाने में करीब 1.50 करोड़ रुपये का खर्च आता है। बिल्डिंग की एक मंजिल पर सात फ्लैट हैं।
बिल्डर एक फ्लैट को औसतन 21 से 22 लाख रुपये में बेच रहा था। इस तरह से 42 फ्लैटों बेचने पर बिल्डर को करीब 9 करोड़ रुपये मिलते। अगर भूखंड की कीमत और निर्माण की लागत दो करोड़ रुपये को निकाल दिया जाए तो बिल्डर को इस बिल्डिंग से करीब सात करोड़ रुपये का लाभ होना था। लोगों ने बताया कि शाहबेरी में इसी तरह की 150 बिल्डिंग खड़ी है, जो दो बिल्डिंग गिरी थी, वो भी 150 वर्ग मीटर के भूखंड पर बनी थी।