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‘हैलो, मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं HRD मिनिस्टर'

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‘हैलो, मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं, एचआरडी मिनिस्टर। सीबीएसई ऑल इंडिया टॉपर सार्थक को बहुत-बहुत बधाई हो। ऑल इंडिया टॉप करने पर तुम्हें और तुम्हारे परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं। इसी तरह आगे भी मेहनत कर कामयाब होते रहो।’
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यह शुभकामना पाकर सेक्टर-14 का रहने वाला सार्थक अग्रवाल गदगद हो गया। तभी उसे यकीन भी हुआ कि वाकई में वह सीबीएसई 12वीं कक्षा के रिजल्ट में ऑल इंडिया टॉप किया है।
 
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित डीपीएस के सार्थक अग्रवाल ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि सबसे पहले स्कूल की मैथ टीचर दीप्ति मैडम ने बताया कि उसे 99.6 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। लेकिन यह नहीं पता था कि उसने टॉप किया है।
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ये है टॉपर का टॉप सीक्रेट

इसके बाद सीबीएसई चेयरमैन विनीत जोशी ने फोन पर यह जानकारी दी। मगर पहले उसे यकीन नहीं हुआ, लगा कि कोई दोस्त मजाक कर रहा है। उसने बताया कि जब स्मृति ईरानी का फोन आया तो ही यकीन आया।

परीक्षा की तैयारी के बारे में सार्थक ने बताया कि उसने फेसबुक, ट्विटर, वाट्स एप जैसे साइट से दूर रहकर लगातार दो साल प्लान से तैयारी की। उसे अच्छे रिजल्ट की उम्मीद थी, पर यह नहीं पता था कि ऑल इंडिया टॉप करेगा।

सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले पिता सुशील चंद्रा अपने बेटे सार्थक को अन्य बच्चों की तरह अपडेट नहीं मानते हैं। जबकि, प्लानिंग और उसके विजन की तारीफ करते नहीं थकते हैं। बेटे की सफलता पर उसे बतौर गिफ्ट एक लैपटॉप देने की ख्वाहिश है।

आईएएस बनना चाहता है सार्थक

साइंस (पीसीएम) से 12वीं करने वाले छात्रों की पहली प्राथमिकता आईआईटी या इंजीनियरिंग होता है। इसके विपरित सार्थक ने इंजीनियरिंग के लिए कोई प्रवेश परीक्षा नहीं दी और न ही इंजीनियरिंग में उसे कोई रूचि है।

सार्थक इकोनॉमिक्स लेकर पढ़ाई करना चाहता है। इसी के जरिए वह अपने भविष्य संवारने की तैयारी कर रहा है। सार्थक का कहना है कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स या सेंट स्टिफेंस कॉलेज से बीए इकोनॉमिक्स ऑनर्स करना चाहता है।

इसके बाद इसी विषय को लेकर सिविल सर्विस की तैयार करेगा। आईएएस बनकर देश सेवा करना उनकी प्राथमिकता है। इकोनॉमिक्स के साथ मैनेजमेंट करना पसंद करेगा।

वीडियो ट्यूटोरियल से तैयारी में मिली मदद

सार्थक का कहना है कि एनसीईआरटी से ही पढ़ाई की। जब ज्यादा जरूरत महसूस हुई तो रिफ्रेंस बुक का सहारा लिया। विषय के कई प्वाइंट को समझने के लिए वीडियो ट्यूटोरियल के जरिए समझने में आसानी हुई। इसका फायदा परीक्षा में भी मिला। कुछ टॉपिक के लिए इंटरनेट पर भी रिसर्च किया।

रिसर्च पेपर का भी थोड़ा सहारा लिया। स्कूल में जो पढ़ाई होती, उसे घर पर आकर पढ़ता। कभी भी कोई ट्यूशन नहीं लिया। जो दिक्कतें आतीं उसे अपने क्लास टीचर या दोस्तों से मिलकर हल कर लेता। उसने बताया कि हर दिन पढ़ने का कोई फिक्स शेड्यूल नहीं है।

11वीं में आने के बाद दो साल का प्लान तैयार किया। पढ़ाई के तनाव से मुक्ति के लिए बैडमिंटन, क्रिकेट या टेबल टेनिस खेल लेता। मैथ को दिलचस्पी से बनाने के लिए स्लो म्यूजिक भी सुनना उसे पसंद है।
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मोदी का फैन है सार्थक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्थक उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। दिली ख्वाहिश है कि वह एक बार उनसे जरूर मिले। खाली समय में सार्थक को राजनीति के बारे में चर्चा करना भी पसंद है।

इसके अलावा मनोरंजन के लिए क्रिकेट, बैडमिंटन या टेबल टेनिस खेलते हैं। कई बार दोस्तों के साथ मौज मस्ती के लिए मॉल में जाना और फिल्म देखना भी पसंद है। इसके अलावा फिक्शन किताबें पढ़ने में भी मजा आता है। लेखक चेतन चौहान और रविंद्र सिंह पसंदीदा लेखक है।

सार्थक को फिजिक्स में 100, कैमेस्ट्री में 100, मैथ में 100, इकोनॉमिक्स 100 और अंग्रेजी में 98 अंक मिले हैं।
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