फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैसे कम होगा ट्रैफिक: सम-विषम से बचने के लिए लोगों ने निकाला नया फॉर्मूला

Mon, 25 Apr 2016 02:57 AM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
सम-विषम से इस बाजार में आई रौनक - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाने के लिए दूसरी बार सम-विषम फॉर्मूला लाया गया। इसका मकसद प्रदूषण कम करना था, लेकिन दबाव घटाने के बदले इस फॉर्मूले ने दिल्ली-एनसीआर सहित नोएडा के पुराने कार बाजार (सेकेंड हैंड) के लिए संजीवनी का काम कर दिया।
विज्ञापन


ओल्ड कार मार्केट में एकाएक बूम आ गया। इस फॉर्मूले से निपटने और दूसरी कार खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। सेक्टर-5 स्थित गौतमबुद्ध फोर्ड कार के कामरान खान ने बताया कि इस बार सम-विषम फॉर्मूले की वजह से पुरानी गाड़ियां काफी बिकी हैं। एक माह में 10 गाड़ियां बिक गई। लोग जरूरत के हिसाब से सम या विषम नंबर मांग रहे हैं।

सेक्टर-10 स्थित ईगल मोटर के हरमित सिंह का कहना है कि सम-विषम फॉर्मूले की वजह से पुरानी कारों की मांग बढ़ी है। उनका कहना है, कि इस बार की खरीदारी का मुख्य आकर्षण गाड़ी का नंबर है। जिसके पास सम नंबर की कार है वह विषम नंबर की खरीद रहा है और जिसके पास विषम नंबर की कार पहले से है वह सम नंबर की खरीद रहा है।
विज्ञापन

पुरानी कार खरीदकर फॉर्मूले से बचना चाहते हैं लोग

सम-विषम का सूरत-ए-हाल - फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
जानकारों की मानें तो नोएडा में छोटे-बड़े कुल मिलाकर करीब 50 ऐसी कंपनियां और डीलर हैं, जो पुरानी कार बेचते हैं। छोटे-छोटे विक्रेता भी एक महीने में 5-7 गाड़ियां बेच रहे हैं। वहीं बड़े डीलरों ने बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियां बेची है। इनकी मानें तो दूसरे अन्य डीलरों के यहां एक माह में 50 से भी ज्यादा पुरानी कारें बिकी हैं।

दिल्ली-एनसीआर में ऐप आधारित टैक्सी-कैब की संख्या भी पहली बार के सम-विषम फॉर्मूले लागू होने के बाद से ही बढ़ने की बात सामने आ रही है। जिस तरह लोगों ने पुरानी कार खरीदकर इस फॉर्मूले से बचने की काट निकाली है उसी तरह टैक्सी-कैब कंपनियों ने भी बड़ी संख्या में टैक्सी और कैब सड़कों पर उतार दिए। दिल्ली में फिलहाल 80,500 टैक्सी चल रही है, जिनमें से कई एनसीआर में भी सेवा देती हैं।

नोएडा में जनवरी से लेकर अप्रैल तक करीब 5000 कारों के रजिस्ट्रेशन हो चुके। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नंबर लेते समय लोग सुविध का ख्याल रखते हैं। लोग सम-विषम नंबर पूछने के बाद ही रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं।
विज्ञापन

एक हजार सीएनजी कारें पंजीकृत

सम-विषम का सूरत-ए-हाल - फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
सम-विषम फॉर्मूले से पहले पुरानी और नई कारों की खरीद के दौरान लोगों ने सीएनजी कारों की ओर ज्यादा रुख किया है। परिवहन विभाग के मुताबिक जनवरी से अब तक करीब 1000 सीएनजी कारें पंजीकृत हुई। डीलरों का यह भी कहना है कि बिकने वाली 10 गाड़ियों में से 7 सीएनजी की होती हैं।

 सड़क पर दबाव नहीं घटने की वजह
- अपनी जरूरत के हिसाब से सम-विषम नंबर की पुरानी व नई कारें खरीद लेना
- डीजल व पेट्रोल की कारों को सीएनजी कनवर्ट करा लेना
- निजी वाहन से बच्चों को स्कूल छोड़ना
- गर्मी से बचने को खुद के वाहन से आना-जाना
- बड़ी संख्या में ऐप आधारित टैक्सी-कैब का उतरना
-एनसीआर ऑटो की संख्या में भी इजाफा

 फैक्ट फाइल:
- नोएडा में अब तक करीब साढ़े चार लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं
- दिल्ली में अब तक करीब 80 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं
- दिल्ली में 1,63,000 गाड़ियां बढ़ीं हैं।
- दिल्ली में 20,000 सीएनजी स्टिकर के लिए आवेदन है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें