एनसीआर में ऑटो के बेरोकटोक सफर का सपना अभी पूरा नहीं होगा। नोएडा और गाजियाबाद के ऑटो दिल्ली तो जा सकेंगे, लेकिन फरीदाबाद और गुड़गांव के बीच यात्रियों को धक्के खाने होंगे। एनसीआर परमिट की शर्तों का पेंच बेरोकटोक सफर की राह में अड़चन बन गया है। इसे सुलझने में चार से पांच साल लग जाएंगे।
नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली के लिए दो-दो हजार परमिट दिए जाने हैं, जबकि फरीदाबाद और गुड़गांव के लिए ग्रेटर नोएडा से एक हजार परमिट जारी होने हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अधूरी तैयारियों के सहारे एनसीआर की राह आसान कैसे होगी, इसका जवाब परिवहन विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद और गुड़गांव जाने वाले ऑटो दिल्ली में एंट्री नहीं कर पाएंगे।
इन्हें सीधे उत्तर प्रदेश की सरहद लांघकर हरियाणा में एंट्री करनी होगी। नोएडा या फिर ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद-गुड़गांव की सीधी कनेक्टिविटी का कोई रास्ता नहीं है। एफएनजी (फरीदाबाद-गाजियाबाद-नोएडा) मार्ग पूरा होने में कम से कम चार से पांच साल लगेंगे। ऐसे में फिलहाल दिल्ली के अलावा इन शहरों की कनेक्टिविटी का कोई विकल्प नहीं है।
खाने होंगे दिल्ली के धक्के
गाजियाबाद, नोएडा या फिर ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद और गुड़गांव जाने के लिए यात्रियों को धक्के खाने होंगे। नोएडा से ऑटो पकड़कर दिल्ली जाना होगा और वहां से ऑटो बदलकर गुड़गांव या फरीदाबाद जाया जा सकेगा। ऐसी ही परेशानी इन दोनों शहरों से आने वाले यात्रियों उठानी होगी।