ट्रांसमिशन लाइन के ऊंचे मकानों से टकराने के कारण मंगलवार को विजयनगर क्षेत्र में लोगों को तीन घंटे बिजली नहीं मिल सकी। इंदर कालोनी में हाईटेंशन लाइन (1.33 लाख) के तार मकानों की छतों से टकरा गए, जिससे अर्थिंग होने से सप्लाई ट्रिप हो गई। इससे कई मकानों के विद्युत उपकरण और विद्युत मीटर जल गए।
लाइन के नीचे बनाए गए ऊंचे मकान को तुड़वाने पहुंचे कारपोरेशन अफसरों को लोगों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान कालोनी के लोगों और कारपोरेशन अफसरों में धक्का-मुक्की हुई। हंगामे के बाद पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप पर एक मकान की ऊपरी मंजिल गिराई गई। अभी कई मकानों को और गिराया जाना है।
एनएच 24 के किनारे लोगों ने बड़ी विद्युत लाइन के नीचे मकान बना लिए हैं। सर्दियों में लाइन के तार ऊंचाई पर रहते हैं, उस दौरान यहां मकानों का निर्माण किया गया। गर्मियों में लाइन के तार फैलकर नीचे लटक जाते हैं और हवा में हिलने से मकानों से टकराते हैं।
लाइन अर्थिंग के चलते ट्रिप हो जाती है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे लाइन ट्रिप हो गई। बार-बार सप्लाई का प्रयास किया गया, लेकिन तारों के छत से टकराने से सप्लाई नहीं मिल सकी। भयंकर गर्मी में बिजली न मिलने से लोगों में हाहाकार मच गया।
इंदर कालोनी में पहुंचे कारपोरेशन अफसरों ने दर्जनों मकानों की ऊपरी मंजिल को अवैध बताते हुए गिराने का प्रयास किया। इससे नाराज लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और एनएच 24 पर जाम लगाने का प्रयास किया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में कैलाश शर्मा के मकान की ऊपरी मंजिल गिराई गई। इस दौरान फिर भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया।