गांव फतेहपुर बिल्लौच में एम्स की ओर से वर्ष 2008 में 30 बेड का अस्पताल बनाने की योजना थी। इसके तहत तत्कालीन पंचायत ने एम्स प्रबंधन को करीब 6.5 एकड़ पंचायत की जमीन सौंप दी। वर्ष 2008-2010 के बीच जमीन को एम्स के नाम कर दिया गया। इसके बाद एम्स प्रबंधन द्वारा वर्ष 2012 में जमीन पर चहारदीवारी करा दी गई। इसके अलावा एम्स प्रबंधन की ओर से जमीन की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की गई, लेकिन प्रबंधन ने अस्पताल का निर्माण 16 साल बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं कराया है। वर्ष 2012 में एम्स प्रबंधन की ओर से अस्पताल की जगह पहले पीएचसी बनाए जाने का प्रपोजल भी रखा था, लेकिन वह प्रपोजल भी सिरे नहीं चढ़ पाया। दिसंबर महीने में इसका बजट और मानचित्र पास हो चुका है। यह अस्पताल 20 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।
यह सुविधा मिलेगी
अस्पताल के शुरू होने से लोगों को 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके बनने से आसपास के 50 गांव के लोगों को बेहतर इलाज के लिए शहर की तरफ नहीं दौड़ना पड़ेगा। एम्स की इस शाखा में दो फिजीशियन, दो महिला विशेषज्ञ, 12 से ज्यादा नर्स समेत आवश्यक स्टाफ की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा गंभीर मरीजों को रेफर करने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ऑपरेशनों की सुविधा भी अस्पताल में मिलेगी।
एम्स अस्पताल की ओर से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को पैसे दे दिए गए हैं। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू की हुई है। चुनाव के बाद कार्य को शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों को उपचार के लिए बल्लभगढ़ नहीं जाना पड़ेगा। -सरोज, सरपंच, गांव फतेहपुर बिल्लौच