सात अस्पतालों में 6,769 आईसीयू बेड की सुविधा विकसित करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अलग-अलग इलाकों में नए अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है। कई अस्पतालों का निर्माण कार्य 60 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। वहीं, सात सरकारी अस्पतालों में सेमी परमानेंट आईसीयू बेड की सुविधा विकसित करने का काम भी जारी है।
स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, सात अस्पतालों में आईसीयू बेड की सुविधा विकसित की जा रही है। इनमें शालीमार बाग के 1,430 बेड वाले अस्पताल का 63 फीसदी, सुल्तानपुरी के 458 बेड वाले अस्पताल का 63 फीसदी और चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के 610 बेड वाले अस्पताल का 52 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
इसी तरह जीटीबी अस्पताल में 1,912 बेड की परियोजना का 52 फीसदी, सरिता विहार में 336 बेड की परियोजना का 58 फीसदी और रघुवीर नगर में 1,565 बेड की परियोजना का 40 फीसदी काम पूरा हुआ है। वहीं, किराड़ी के 458 बेड वाले अस्पताल का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत पूरा करने के लिए ट्रांजेक्शन सलाहकारों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवार्ड पत्र भी जारी कर दिया गया है।
ग्रामीण इलाकों में भी बनेंगे अस्पताल
निदेशालय की हॉस्पिटल सेल के तहत मादीपुर और ज्वालापुरी में 691-691 बेड वाले अस्पतालों का 65 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। विकासपुरी के हस्तसाल में 691 बेड वाले अस्पताल का 75 फीसदी और सिरसपुर में 1,164 बेड वाले अस्पताल का 80 फीसदी काम पूरा हो गया है। इसके अलावा बिंदापुर, बापरौला, दीनदारपुर और जौंती में नए अस्पताल बनाने की योजना शुरुआती चरण में है।