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Delhi NCR News: अस्पताल ने डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए चलाया जागरूकता अभियान

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डॉक्टरों और एमसीडी अधिकारियों ने लोगों से की अपील, घरों के आसपास सफाई रखें और बुखार होने पर तुरंत कराएं जांच
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
घरों में रखे गमलों, कूलर, पानी की टंकियों और पुराने टायरों में जमा पानी मच्छरों के पनपने की वजह बन सकता है। इससे डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों से बचाव के लिए दिलशाद गार्डन स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लोगों से अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई। कार्यक्रम में अस्पताल के डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मलेरिया विभाग के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। कार्यक्रम में स्वामी दयानंद अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनीता, डॉ. आदर्श और एमसीडी के मलेरिया विभाग के डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों को बीमारी के लक्षण पहचानने और समय पर इलाज कराने की जानकारी दी।
बुखार को न करें नजरअंदाज :डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी का पता लगाना मुश्किल है। बुखार होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करानी चाहिए।
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इन सावधानियों से रोक सकते हैं मच्छरों को : डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि कूलर, गमलों की प्लेट, बाल्टियों और पानी रखने वाले बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें। पानी की टंकियों को ढककर रखें और पुराने टायरों व बेकार डिब्बों में पानी जमा न होने दें। कार्यक्रम में दिलशाद गार्डन मंडल के उपाध्यक्ष दीपक सागर समेत कई स्थानीय प्रतिनिधि और एमसीडी मलेरिया विभाग की प्रीति भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के जरिए लोगों को संदेश दिया गया कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित सफाई से पूरे इलाके में मच्छरों के प्रजनन को रोकने में मदद मिल सकती है।
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