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बजट से उम्मीद: ‘आयकर की सीमा बढ़े, लोन का बोझ घटे’

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केंद्र सरकार के आम बजट में महिला समेत युवाओं और सीनियर सिटीजन को वित्त मंत्री अरुण जेटली से ढेरों उम्मीदें हैं। आयकर में छूट का दायरा बढ़ाने समेत महंगाई कम करने व सुरक्षा बढ़ाने सहित मूलभूत सुविधाओं को टैक्स दायरे से बाहर करने की मुख्य मांग है।
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महिलाओं को आयकर दायरा न बढ़ने से नाराजगी है। जनता का मानना है कि महंगाई के दौरान में आयकर सीमा में छूट कम से कम साढ़े तीन लाख होनी चाहिए।

तो बुजुर्गों और व्यापारियों ने ईएमआई व होम लोन पर भी रियायत की मांग उठाई है। अमर उजाला ने बजट से पूर्व राजधानी में गृहिणियों से लेकर विभिन्न आय व पेशे के लोगों से बजट पर उनकी राय जानी।

आयकर में कम से कम साढ़े तीन लाख तक छूट मिलनी चाहिए

प्रोफेसर दीप्ति कहती हैं कि महंगाई के दौर में आयकर की सीमा महज ढाई लाख रुपये है जबकि आयकर में कम से कम साढ़े तीन लाख तक छूट मिलनी चाहिए।

वित्त मंत्री से उम्मीद करते हैं कि महंगाई को देखते हुए आयकर में छूट की समय सीमा बढ़ायी जाए। कामकाजी महिलाओं पर ऑफिस के अलावा घर चलाने की भी बड़ी जिम्मेदारी होती है। वहीं, सुरक्षा समेत पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी सबसे अधिक उम्मीद है।

वहीं बीटेक स्टूडेंक आलोक के मुताबिक युवाओं को बजट में ब्यूटी और ब्रांडेड आइटम को टैक्स में छूट देने की मांग है। पिछले बजट ब्यूटी संग ब्रांडेड आइटम के दामों में इजाफा करने के चलते निराशा हुई थी। इसके अलावा खाने-पीने की सुविधाओं में भी छूट मिले, ताकि वीकेंड पर दोस्तों व परिजनों के साथ अच्छे दिनों को महसूस किया जा सके।

गृहिणी रूचि का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और घर चलाना मुश्किल। बेशक आय ठीक है, लेकिन संयुक्त परिवार में बच्चों की फीस के साथ अन्य खर्चे बजट बिगाड़ देती है।

रसोई से लेकर अन्य खर्चों में कई बार कटौती भी करनी पड़ती है। उम्मीद है कि जेटली इस बार गृहिणियों के लिए खास सिलेंडर और सब्जियों के आसमां छूते दामों पर अंकुश लगाने के लिए घोषणा करें। पेट्रोल व डीजल के दाम कम होंगे तो उसका असर हर जगह दिखाई देगा।
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सीनियर सिटीजन को और अधिक लाभ मिले

सीनियर सिटीजन को आयकर में और अधिक लाभ देने की मांग करेंगे। क्योंकि महंगाई में पेंशन पर घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा ईएमआई व होम लोन पर भी रियायत की मांग है, ताकि मध्यवर्गीय परिवार भी खुशी व शांति से जीवन जी सकें।- बलवंत सिंह, रिटायर्ड, सीनियर ऑडिट ऑफिसर।

बजट बेशक आम आदमी के आधार पर तैयार होता है, लेकिन उसका सीधा असर व्यापार पर पड़ता है। हम उम्मीद करते हैं कि आयकर में टैक्स का दायरा बढ़ने के साथ महंगाई व ब्रांडेड आइटम पर टैक्स कम किया जाए, ताकि ग्राहक बाजारों की और रुख कर सकें। मध्यवर्गीय परिवार भी आराम से जिंदगी बसर कर सकें। ईएमआई व होम लोन में भी कटौती की उम्मीद है।
- गौरव लांबा, बिजनेस मैन, करोलबाग।

ऑनलाइन के चलते व्यापार में घाटा
ऑनलाइन शॉपिंग के चलते पहले ही व्यापारियों को घाटा हो रहा है। क्योंकि ग्राहक अब घर बैठे आराम से शॉपिंग करना चाहता है। इसलिए बजट में इस बात को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को टैक्स में अधिक लाभ मिलना चाहिए। आयकर की सीमा बढ़ाने के साथ महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम कम करना भी शामिल है।
- अंकित चौधरी, बिजनेसमैन, सदर बाजार।
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