सूखे कचरे का हो जाएगा समाधान
दिल्ली में रोज 10000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसमें से ओखला लैंडफिल साइट पर दक्षिण, पश्चिम, मध्य और नजफगढ़ जोन से रोजाना करीब 4000 मीट्रिक टन कचरा जाता है। इसमें बड़ी मात्रा में बाजारों और औद्योगिक इकाइयों से निकला कूड़ा शामिल होता है। अभी तक ओखला फेज दो स्थित वेस्ट एनर्जी प्लांट पर करीब आधे कचरे का ही निस्तारण हो पाता था, बाकी कचरा लैंडफिल साइट पर ही जमा हो रहा था।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ही उपाय
एमसीडी के विशेष अधिकारी के अनुसार शहर में सूखे कचरे के निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ही उपाय है। इससे लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे को कम किया जा सकता है। जमा कचरे का उपयोग करके बिजली बनाई जा सकती है और विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग की जा सकती है।
गाजीपुर में एक और प्लांट बनाने की योजना
वर्तमान में गाजीपुर लैंडफिल साइट पर प्रतिदिन 1300 मीट्रिक टन कचरे की खपत वाला वेस्ट टू एनर्जी प्लांट चल रहा है। इसी प्रकार भलस्वा में 1500 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा खपत वाला एक और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट कार्य कर रहा है। इसके साथ ही गाजीपुर में एक और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाने की योजना है।
शाह के बयान पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा 15 साल तक नगर निकायों को चलाने में विफलता के लिए बहाना न बनाए। लोग तय करेंगे कि वे कचरे से भरी दिल्ली चाहते हैं या स्वच्छ। जो काम 15 साल में न कर पाए, उसके लिए तीन साल और चाहते हैं? अब हम दिल्ली को कचरा मुक्त बनाएंगे।