प्रधानमंत्री की पहल पर चल रहे स्वच्छ भारत अभियान को चार चांद लगाने की दिशा में दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने एक ऐसी योजना को अंजाम देने का निर्णय लिया है जिसके चलते विदेशों में राजधानी छवि सुधरेगी।
वह अपने इलाके में गंदगी की समस्या के समाधान के लिए हाई एंड टॉयलेट बनाएगी। खास बात यह है कि टॉयलेट ब्लॉक बनाने में उसे एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, उसे इन टॉयलेट ब्लॉक का रखरखाव भी नहीं करना पड़ेगा।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने हाई एंड टॉयलेट बनाने का निर्णय लिया है। यह टॉयलेट फाइव स्टार होटलों के टॉयलेट जैसे होंगे। उनके अंदर एसी लगा होगा और बड़े-बड़े शीशे लगाए जाएंगे।
सड़कों पर भी हाई एंड टॉयलेट बनाने की ओर कदम बढ़ाया है
उनमें यूरिनल के पॉट सेंसर वाले लगाए जाएंगे। बाहर से यह टॉयलेट जैसे नहीं लगेंगे। नगर निगम हाई एंड टॉयलेट अपनी सड़कों और अन्य क्षेत्रों में ही नहीं बनाएगी, बल्कि उसने पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर भी हाई एंड टॉयलेट बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। इस मामले में दिल्ली सरकार ने उसको हरी झंडी दे दी है।
नगर निगम के मुताबिक, उसने अपने चारों जोन में महत्वपूर्ण सड़कों, मार्केट और उन स्थानों पर हाई एंड टॉयलेट बनाएगी जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। उसने ऐसे स्थान भी चिह्नित कर लिए हैं।
शुरुआत में 94 स्थानों पर हाई एंड टॉयलेट बनाए जाएंगे। ये टॉयलेट बनाने में उसके ऊपर एक रुपये का भी आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। वह डिजाइन, बनाओ, चलाओ और सौंपो (डीबीओटी) के आधार पर हाई एंड टॉयलेट का निर्माण कराएगी।
हाई एंड टॉयलेट पर विज्ञापन लगवाने का अधिकार दिया जाएगा
संबंधित कंपनी को हाई एंड टॉयलेट पर विज्ञापन लगवाने का अधिकार दिया जाएगा। कंपनी सात साल तक हाई एंड टॉयलेट चलाएंगी और रखरखाव भी खुद करेंगी।
इसके बाद नगर निगम इन टॉयलेट को चलाने के लिए कंपनी को सौंप सकेंगी। इसके लिए किसी एक कंपनी के साथ अनुबंध नहीं कर रही है। इस संबंध में वह टेंडर प्रक्रिया अपनाएंगी।
हाई एंड टॉयलेट विदेशों में बनाए जाते हैं। इनके बन जाने से दिल्ली की तस्वीर बदलेगी और गंदगी की समस्या का समाधान होगा और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इनमें 24 घंटे सफाई कर्मचारी तैनात रहता है।