महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण को लेकर अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं व छात्राओं के सभी प्रश्नों के डीआईजी मेरठ रेंज लक्ष्मी सिंह ने बेबाकी और तर्क संगत उदाहरण के साथ उत्तर दिए। लक्ष्मी सिंह ने कार्यक्रम के शुरुआत में ही कहा कि पुलिस से डरे नहीं बल्कि फ्रेंडली बनें।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में माइग्रेशन और जनसंख्या की सबसे ज्यादा परेशानी है जिससे बेरोजगारी बहुत है। ऐसे में ऑटो चालक की नौकरी यहां बहुत ही आसानी से मिल जाती है और चालक उस नौकरी के लिए उपयुक्त है या नहीं जाने बगैर ऑटो मालिक नौकरी पर बड़ी ही आसानी से रख लेते हैं।
ऐसे में बदमाश प्रवृत्ति के लोग भी ऑटो सड़कों पर दौड़ाने लगते हैं। ऑटो चालकों द्वारा महिलाओं के साथ हो रहे क्राइम के मद्देनजर ऑटो चालकों के साथ-साथ ऑटो मालिकों का भी डाटा बेस तैयारा किया जा रहा है जिससे आरोपी चालक तक पुलिस आसानी से पहुंच सके।
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पुलिसकर्मी महिला के साथ गलत व्यवहार करता है तो फौरन कार्रवाई
उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में काफी संघर्ष किया है, उसके बाद ही आज इस मुकाम तक पहुंच सकीं हैं। ऐसे में महिलाओं को और भी सशक्त होने की जरूरत है जहां तक सुरक्षा से संबंधित किसी भी लेवल पर महिला व छात्रा को जरूरत हो तो वह हर वक्त उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।
डीआईजी मेरठ रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर दो ट्रैफिक थाने खोले जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिसे मंजूरी मिल गई है। गौतमबुद्ध नगर से आगरा के बीच में एक्सप्रेसवे पर एक ट्रैफिक थाना खोला जाना है। वहीं, आगरा से लखनऊ के बीच दूसरा ट्रैफिक थाना खोला जाएगा। एक्सप्रेसवे पर होने वाले सभी अपराध व दुर्घटनाएं इन्हीं दोनों थानों में दर्ज की जाएंगी।
डीआईजी के मुताबिक पुलिस भ्रष्टाचार को उजागर करे। कोई भी पुलिसकर्मी किसी महिला के साथ गलत व्यवहार करता है तो फौरन उच्च अधिकारी को सूचित करें। शिकायत व क्राइम दबाएं नहीं बल्कि उजागर करें। सुधार की जरूरत है और बुराई उजागर करने से सुधार होगा।
पुलिसकर्मी का व्यवहार हो गलत तो करें शिकायत
संवाद कार्यक्रम में मौजूद कुछ महिलाओं व विधायक विमला बाथम ने आरोप लगाया कि थाने पर पहुंचने वाली पीड़िता से पुलिस तहजीब से पेश नहीं आती है। उसके जवाब में लक्ष्मी सिंह ने सभी को भरोसा दिया कि कोई पुलिसकर्मी या पुलिस अधिकारी महिलाओं व पीड़िता के साथ गलत व्यवहार करता है तो उसकी शिकायत उच्च अधिकारी से की जाए।
अगर उक्त महिला सामने नहीं आना चाहती है तो वह एक गोपनीय पत्र या मेल एसएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी को लिख सकती है। ऐसे आरोपी पुलिस वाले के खिलाफ 24 घंटे में कार्रवाई होगी। थानों पर पहुंचने वाली पीड़िता को महिला पुलिसकर्मी ही अटेंड करेगी।
इसके लिए जल्द ही 40 हजार महिला कांस्टेबल मिल जाएंगी। आने वाले दिनों में इन महिला कांस्टेबल की तैनाती सभी थानों पर की जाएगी, ताकि थाने पर पहुंचने वाली पीड़िता को कोई परेशानी न हो और वह बेबाकी से अपनी परेशानी महिला पुलिसकर्मी के सामने रख सके।
नोएडा में घुसते ही वाहन चालक तोड़ते हैं नियम
नोएडा में ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं, उसका जीता जागता उदाहरण डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने दिया। लक्ष्मी सिंह ने कहा कि जैसे ही दिल्ली की सीमा क्रास कर नोएडा में वाहन चालक प्रवेश करता है। वैसे ही वह अपनी सीट बेल्ट खोल देता है।
बाइक चालक अपना हेल्मेट उतार देता है। उन्होंने माना कि इसकी खास वजह यह भी है कि यहां ट्रैफिक इनफोर्समेंट नहीं है। दिल्ली में 90 हजार से ज्यादा ट्रैफिक पुलिसकर्मी हैं और जगह-जगह उनकी मौजूदगी दिखाई देती है।
वहीं यहां पर मात्र 200 ट्रैफिक पुलिसकर्मी हैं जिससे उनका प्रबंधन सही ढंग से नहीं हो पाता और वह सड़कों पर दिखाई भी नहीं पड़ते हैं। ऐसे में नोएडा में वाहन चालकों का डर खत्म हो जाता है और वह ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं।
नियम तोड़ने वाले ऑटो चालकों पर शिकंजा
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े अपराध पर जवाब देने के लिए एसपी सिटी दिनेश यादव भी मौजूद रहे। दिनेश यादव ने कहा कि क्राइम करने वाले ऑटो चालकों पर शिकंजा कसने के लिए नंबरिंग सिस्टम लागू किया गया है। 1 मई से शहर में वही ऑटो दौड़ सकेंगे जिन पर पुलिस द्वारा दिया गया नंबर ऑटो पर अंकित होगा।
वहीं, उक्त ऑटो के मालिक का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखा होगा। इस क्रम में 15 दिनों के प्रयासों के साथ तीन हजार से ज्यादा ऑटो की नंबरिंग की जा चुकी है।
शहर में वही ऑटो दौड़ सकेंगे जिस पर पुलिस द्वारा जारी नंबर अंकित होगा। उसके अलावा कोई भी ऑटो चलने नहीं दिया जाएगा। इस क्रम में नियमों के खिलाफ चलने वाले ऑटो को सीज भी किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने आंकड़े रखे कि हाल फिलहाल में चेन लूट की घटनाएं कम हो गई हैं। ऐसे में वहां पर मौजूद एक महिला ने फौरन उत्तर दिया कि चेन लूट बंद नहीं हुई हैं, बल्कि महिलाओं ने बदमाशों के डर से चेन पहनना बंद कर दी हैं।
हालांकि, एसपी सिटी दिनेश यादव ने महिलाओं व छात्राओं को भरोसा दिया कि वह सड़कों पर पीसीआर की मूवमेंट और भी बढ़ाएंगे और चेकिंग अभियान को तेज करेंगे। ऐसे में खासतौर पर बाइक सवार बदमाशों पर अंकुश लगेगा।
एसपी सिटी दिनेश यादव के मुताबिक कोई भी महिला या छात्रा एक मई से उस ऑटो में न बैठे जिस पर नंबर अंकित न हो। ऑटो के बाहर, शीशे पर और अंदर कुल पांच जगह नंबर व ऑटो के मालिक और मोबाइल नंबर लिखे जा रहे हैं।
बिना नंबर अंकित किए हुए ऑटो अगर सड़क पर दौड़ते किसी को भी दिखाई दें तो फौरन पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दें या 8800199921 पर ऑटो की फोटो खींच कर व्हाट्स एप करें। फोटो में उक्त ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर भेंजे जिससे कार्रवाई की जा सके।