दिल्ली के कंझावला में बुधवार को गोली मारकर खुदकुशी करने वाला हेड कांस्टेबल अनिल कुमार महकमे और पारिवारिक वजहों से तनाव में था। अनिल ने सुइसाइड नोट में अपनी यह परेशानी बयां की है।
अनिल की डायरी से मिले सुइसाइड नोट में उसने आरोप लगाया है कि केस की जांच में खर्च होने वाले रुपये उसे नहीं मिल रहे थे। उसे इस बात का दुख था कि खर्च के बावजूद उनके बेटे अधिकारी नहीं बन पाए। उसने अपने माता-पिता पर पत्नी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है और पत्नी से इसके लिए माफी मांगी है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सुइसाइड नोट अनिल ने अपनी पत्नी को संबोधित करते हुए लिखा है। उसने थाने के बड़े बाबू पर आरोप लगाया है कि केस की जांच सहित कई तरह के खर्चे होते हैं, जिसे वह अपनी जेब से दे रहा है। वह इन खर्च का बिल बनाकर बाबू को दे चुका है। इसके बावजूद उसे तीस हजार रुपये नहीं दिए जा रहे हैं।
उसने लिखा है कि अपने दोनों बेटों दीपक (19) और प्रदीप (17) की पढ़ाई पर काफी खर्च किए। इसके बावजूद बेटे अधिकारी नहीं बन पाए, इस बात का उसे मलाल है। नोट में अनिल ने अपनी पत्नी से माफी मांगते हुए लिखा है कि उसके माता-पिता ने उसे काफी प्रताड़ित किया। वह अगले जन्म में किसी संस्कारी परिवार में पैदा होकर अपने अधूरे काम को पूरा करेगा। इसके साथ ही उसने माता-पिता को उसके शरीर को हाथ लगाने से मना किया है।
गौरतलब है कि मूल रूप से गांव थानाकलां, खरखौदा, सोनीपत का रहने वाले अनिल कुमार ने बुधवार सुबह कंझावला स्थित मां काली की मंदिर परिसर में ही खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। अनिल परिवार के साथ नरेला में रहता था और बीते दो साल से कंझावला थाने में तैनात था।