हौज खास विलेज मध्यकाल में जलाशय के किनारे बसे शानदार इमारतों के कारण इस्लाम के विद्वानों और मदरसा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र था।
यूनिवर्सिटी ऑफ विक्टोरिया के एक विद्वान एंथनी वेल्च ने हौज खास विलेज के बारे में कहा है कि ये दिल्ली का सबसे सुंदर स्थान है ये ऐसा सिर्फ अपनी बनावट या किस दृष्टि से बनाया गया था इसलिए नहीं बल्कि इस जगह के अपने एक अलग तरह के जादू के कारण है। इस जगह एक अजीब सा चुबंकत्व है।
ये जगह अब पुराने समय से काफी बदल गई है। इस जगह का चार्म केवल पुराने इमारतों बागों से ही नहीं है बल्कि हौज खास विलेज ने लोगों के बीच में अपनी जगह यहां मौजूद सुंदर बनाए गए पार्क, पेड़-पौधों और हरियाली के कारण भी है।
यहां के बाजारों और रिहायशी इलाकों ने भी पुरानी हौजखास के बीच में अपनी अलग पहचान बनाई है। हौज यानि पानी का टैंक जिसके नाम पर इस जगह का नामकरण हुआ है वह काफी सिकुड़ चुका है पर यहां सुंदर फव्वारे और यहां की हरियाली आपको मोह लेंगी।
वेल्च ने यहां के आधुनिक रूप के बारे में लिखा है कि वो गांव जो 14वीं शताब्दी में संगीत का केंद्र हुआ करता था वह आज भी संगीत का केंद्र है पर चोला बदलकर।
हौजखास विलेज जो मध्यकाल में बहुत ही वैभव से पूर्ण था उसका आधुनिकीकरण 1980 के दशक में हुआ और इसे एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया गया जो दुनिया के हर कोने से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।
हौज खास विलेज का कॉम्प्लेक्स, सफदरजंग एंक्लेव, ग्रीन पार्क, साउथ एक्सटेंशन और ग्रेटर कैलाश से घिरा है। इसके पास में ही भारत के कुछ अति महत्वपूर्ण इंस्टीट्यूट है जैसेः आईआईटी दिल्ली, आईआईएफटी, एनआईएफटी और एम्स।
ये पूरा इलाका दिल्ली के बेहतरीन रेस्टोरेंट्स के लिए भी जाना जाता है और लोग यहां अपना वीकेंड बिताने आते हैं। .दिल्ली की सबसे सुंदर जगहों में से एक है हौज खास विलेज। यहां रौनक सप्ताह के अंत में बहुत ज्यादा होती है। यहां की नाइट लाइफ भी बहुत मशहूर है।
ऐसे पहुंचे
यहां पहुंचने के लिए आपको ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन नजदीक पड़ेगा। बाकी आप अपनी कार या किसी भी गाड़ी का उपयोग कर सकते हैं। पब्लिक यातायात भी यहां पहुंचने के लिए उपलब्ध है।