दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के कहने पर परिजनों ने शुरू में शव लेने से मना कर दिया था। परिजनों ने मना किया तो यूपी पुलिस ने भी शव लेने से मना कर दिया। काफी देर समझाने के बाद परिजन शव लेने को तैयार हुए थे।
दिल्ली पुलिस की तीन टीमों ने संभाला था जिम्मा
एक टीम बिटिया के शव को लेकर हाथरस स्थित उसके गांव गई। साथ में बिटिया के पिता, भाई व यूपी पुलिस के अधिकारी थे। दूसरी टीम भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को छोड़ने यूपी गई थी। चंद्रशेखर को जेवर टोल प्लाजा पर छोड़ा था। तीसरी टीम बिटिया के अन्य परिजनों को लेकर मंगलवार शाम को उनके गांव छोड़ने गई थी। साथ में यूपी पुलिस अधिकारी मौजदू थे। दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेन्द्र आर्या का कहना है कि सफदरजंग अस्पताल में मंगलवार को प्रदर्शन हुआ था। उस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।