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शहीद के सम्मान में नहीं चलीं हरियाणा पुलिस की बंदूकें

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जींद में एक बाद फिर हरियाणा पुलिस का शर्मनाक सच सामने आया। यहां भारतीय सीमा की रक्षा करते हुए जान गंवाने वाले कुलदीप सिंह की शहादत की तौहीन की गई। मामले की पूरी वीडियो को हिन्दी समाचार चैनल एबीपी ने दिखाई।
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मामला दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में शहीद हुए जींद के कुलदीप सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर देने का है। बीते शुक्रवार को उरी सेक्टर में जान गंवाने वाले शहीद कुलदीप का शव रविवार को उनके निवास जींद पहुंचा।

वहां के गॉर्ड ऑफ ऑनर की तैयारी की गई। लेकिन ऐन वक्त पर हरियाणा पुलिस की बंदूकें धोखा दे गईं। शहीद को सलामी देने के लिए आवाजें लगाई जाती रहीं और पुलिस के जवान अपनी बंदूके लेकर इधर-उधर ताकते रहे। काफी मशक्कत के बाद सलामी देने खड़े हुए पांच पुलिस जवानों में एक की बंदूक चली और बाकी के जवान बस बंदूक कंधे पर रखकर सलामी देने का अभिनय करते रहे।
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तीन वर्ष पहले ही हुई थी शादी

जम्मू-कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर स्थित बारामूला के उरी सेक्टर में बीते शुक्रवार को आतंकी मुठभेड़ में हरियाणा का लाल कुलदीप सिंह शहीद हुआ था। 28 वर्षीय कुलदीप गांव खेड़ी बुल्ला के रहने वाले हैं। कुलदीप की शहादत पर ग्रामीणों को गर्व है। लेकिन हरियाणा पुलिस के इस शर्मनाक कारनामे से पूरा गांव गमगीन है।

कुलदीप के बड़े भाई वजीर सिंह ने बताया कि उसके भाई की शादी तीन वर्ष पहले नरवाना के हमीरपुर गांव की रेखा से हुई थी। उन्हें एक दो साल का बेटा भी है। उनकी भर्ती अप्रैल 2008 में भारतीय सिख रेजिमेंट में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। शनिवार सुबह जम्मू सिख रेजिमेंट से कुलदीप के शहीद होने की सूचना परिजनों को मिली।

शहीद कुलदीप सिंह का शव रविवार को जिंद पहुंचा। इसक‌े बाद हरियाणा पुलिस की जींद इकाई ने कुलदीप को गॉर्ड ऑफ ऑनर देने के लिए तैयार हुई। उस दौरान हरियाणा पुलिस का ये शर्मनाक सच सामने आया।
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