गुड़गांव। प्रदेश सरकार का दावा है कि वह सरकारी कामकाज को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठा रही है।
इसके लिए सरकारी विभागों के कामकाज को ऑनलाइन किया जा रहा है लेकिन यहां के उद्यमियों ने उसके इसी ई-गवर्नेंस पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
उनका कहना है यह ऑनलाइन सिस्टम सिर्फ आवेदन तक ही सीमित है। मगर इसकी डिलीवरी को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उद्यमियों को जटिलताओं से रूबरू होना पड़ रहा है।
उद्योग जगत का कहना है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लेबर, एचएसआईआईडीसी, एक्साइज टैक्सेशन सहित अन्य सरकारी विभागों के कामकाज को ऑनलाइन कर रही है पर इसका कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है।
अभी ऑनलाइन का जो सिस्टम है उसके तहत सर्टिफिकेट या एनओसी के लिए महज ऑनलाइन आवेदन ही किया जा सकता है। उसकी डिलीवरी अभी भी सरकारी दफ्तरों में मिलती है। इससे परेशानी हो रही है।
उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिमेश सक्सेना का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया का सपना साकार करना चाहती है तो उसे डिलीवरी सिस्टम को भी ऑनलाइन करना होगा।
तभी उद्योगों और उद्यमियों को राहत मिल सकेगी। हरियाणा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के चेयरमैन किशन कपूर का कहना है कि उद्योगों को तमाम प्रकार के एनओसी की जरूरत होती है।
इसके लिए कई सरकारी विभागों से उद्यमियों का पाला पड़ता है। ऑनलाइन आवेदन के बाद सर्टिफिकेट और एनओसी की हार्डकॉपी के लिए इन विभागों का चक्कर काटना पड़ता है।
कपूर का आरोप है कि इस काम के लिए उद्यमियों को सरकारी अधिकारी काफी परेशान करते हैं। इससे काम करने में परेशानी होती है। इस समस्या का समाधान हो जाए तो आसानी होगी।
सुविधा शुल्क की भी होती है मांग
गुड़गांव के एक उद्यमी का कहना है कि सरकार के ऑनलाइन सिस्टम का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। घर बैठे आवेदन तो किया जा सकता है पर प्रमाणपत्र सहित कंसेंट लेटर के लिए इन सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता है।
उनका कहना है कि इसके लिए सरकारी दफ्तरों में सुविधा शुल्क तक की मांग की जाती है। ऐसा नहीं करने पर उनके काम को अटका दिया जाता है। अगर डिलीवरी ऑनलाइन होने लगे तो समस्या का समाधान हो जाए।
ये सुविधाएं हैं ऑनलाइन
•बॉयलर फीस का ई-चालान जेनरेट
•बॉयलर के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन
•प्रदूषण विभाग से कंसेट लेटर के लिए ऑनलाइन आवदेन
•फैक्ट्री एक्ट के तहत लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन
•जल्द ही कंपोजिट अप्लीकेशन फॉर्म को ऑनलाइन करने की तैयारी
(नोट: इनकी डिलीवरी ऑनलाइन नहीं)
उद्यमियों ने कहा, जटिलताओं से रूबरू होना पड़ रहा है
राज्य सरकार आवेदन की ऑनलाइन सुविधा तो दे रही है, पर इसकी डिलीवरी अभी ऑफलाइन है। अगर घर बैठे कंसेंट लेटर की भी कॉपी मिल जाए तो भ्रष्टाचार बिल्कुल खत्म हो जाएगा और उद्योगों को राहत मिलेगी। जब तक डिलीवरी ऑनलाइन नहीं होगी तब तक इस व्यवस्था का कोई लाभ नहीं होगा।