इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे 40वें हस्तशिल्प मेले का रविवार को शानदार समापन हुआ। 14 से 18 अक्तूबर तक चले पांच कारोबारी दिनों में में 110 देशों के 7300 खरीदार शामिल हुए। विदेशी खरीदारों ने 2700 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक कराए। ये कारोबार अक्तूबर-14 की तुलना में 200 करोड़ रुपये अधिक है। कारोबार के मामले में फेयर ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) ने मकसद को पूरा करते हुए भारतीय हस्तशिल्प को पूरी दुनिया के सामने पेश किया, जिसका विदेशी खरीदारों से पूरा समर्थन मिला। दरअसल, ईपीसीएच के इंडियन हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फेयर (आईएचजीएफ) आटम दिल्ली फेयर-2015 में अलग-अलग 14 सेगमेंट में 1600 उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
इस बार के फेयर को अलग बनाने के लिए सभी निर्यातकों के लिए स्थायी मार्ट बनाया गया था, जिससे निर्यातक भी खुश दिखाई दिए। इस दौरान छोटे निर्यातकों, शिल्पकारों को अवसर प्रदान करते हुए उनके लिए थीम पवेलियन बनाए गए थे। फेयर में प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति के रंगों को बेहद आकर्षक अंदाज में पेश किया गया।
मेले के दौरान भारत की रंग-बिरंगी छटा का समावेश रहा, जिसमें विदेशी खरीदार भी पूरी तरह रचे-बसे नजर आए। फेयर में सबसे ज्यादा खरीदार अमेरिका के 964, यूके के 457, जर्मनी के 396, जापान के 277, चीन के 105 पहुंचे। अंतिम दिन विदेशी मेहमानों की विदाई भी ढोल-नगाड़े के साथ हुई।
विदेशी खरीदारों ने 2016 में होने वाले क्रिसमस फेस्टिवल के लिए ऑर्डर बुक किए। इसमें सबसे ज्यादा लाख के उत्पादों की बुकिंग हुई है। क्रिसमस ट्री ग्लीटर, स्टोन, कांच, मोती और लेस फैब्रिक का इस्तेमाल कर बनाया जाता है, जिसमें छोटे-बड़े बॉक्स, कोस्टर, क्रिसमस आर्नामेंट, पेन, फोटो फ्रेम समेत सैकड़ों गिफ्ट और सजावटी समान शामिल हैं।
ईपीसीएच के वाइस प्रेसिडेंट राजेश कुमार जैन ने बताया कि दुनिया भर से आने वाले विदेशी खरीदार हर साल मेले में एक साल आगे के लिए खरीदारी करते हैं। भारत से क्रिसमस के लिए होने वाले सामानों के निर्यात में 80 फीसदी उत्पाद हस्तशिल्प का है जो कि सबसे अधिक है।