गुरुग्राम के भोंडसी स्थित भूपसिंह नगर में धुलंडी (फाग) के दिन दो समुदायों के बीच हुए विवाद में गुरुग्राम पुलिस की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़ित परिवार इतना खौफजदा हो गया कि शुक्रवार को वह सामान बांधकर अपने गांव जाने के लिए निकल गया।
कई घंटों के घटनाक्रम और पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील समेत स्थानीय लोगों के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने आखिरकार घर छोड़ने का निर्णय टाल दिया, लेकिन उन्होंने पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के साथ सीबीआई जांच की मांग उठाई है।
भूपसिंह नगर में 9 दिन पहले दो समुदायों के बीच हुई मारपीट के बाद गुरुग्राम पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात को दूसरे पक्ष के आरोपी युवक राजकुमार के बयान पर आबिद और आमिर के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच में शामिल कर लिया था।
जिसके बाद से पीड़ित परिवार सवाल उठा रहा है। शुक्रवार दोपहर को साजिद और उसके परिवार के लोगों ने घर का सामान बांधकर घर छोड़ने की तैयारी कर ली। सूचना के बाद आननफानन में पुलिसकर्मियों ने परिवार के लोगों को सुरक्षा देने की बात कहते हुए रोकने की कोशिश की।
पीड़ित महिला समीना ने कहा कि गांव के दबंग लड़के गली में चक्कर काटते हैं, उन्हें देखकर ही डर लगता है। चंद पुलिसकर्मियों के भरोसे परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है, जैसे भी रहेंगे गांव में जिंदा तो रहेंगे। साजिद ने इस पूरे मामले में अब सीबीआई जांच की मांग की है, उन्होंने कहा कि इसके लिए मीडिया के माध्यम से सरकार से मांग कर रहे हैं।
चंद पुलिसकर्मियों के भरोसे परिवार की सुरक्षा
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से घर के पास चंद पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात तो हैं, इसके बावजूद रोजाना यहां संदिग्ध लोग घर और हमारी फोटो क्लिक करके ले जाते हैं। साजिद ने बताया कि बीते दो तीन दिनों से उनके घर के आगे गाड़ी में पांच-छह युवक कई चक्कर काटकर निकल जाते हैं। इससे परिवार के लोगों में डर का माहौल बैठ गया है।
पुलिस आयुक्त से मिले परिजन
इस मामले में पीड़ित परिवार के लोगों ने शुक्रवार शाम को पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील से मुलाकात कर क्रॉस एफआईआर का विरोध दर्ज किया। पीड़ित युवक साजिद ने कहा कि राजकुमार के बयान में विरोधाभास है, शिकायत के मुताबिक उसके सिर पर गंभीर चोट आई तो वह घटना के समय विडियो में मारपीट करने वालों के साथ कैसे आ गया।
जिसमें चोट नहीं दिखाई दे रही। घटना के इतने दिन बाद शिकायत पर भी सवाल उठाया गया। पुलिस आयुक्त ने पीड़ित परिजनों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए इस मामले में थाना निरीक्षक से जांच कराने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित परिवार के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। परिवार के लोगों ने मुलाकात कर कुछ मांग की थी उस बारे में उन्हें जांच का पूरा आश्वासन दिया गया है।
मोहम्मद अकील, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम