दिल्ली-जयपुर हाईवे पर देर शाम चलती बस में आग लगने के कारण झुलसे लोगों में कुल 29 को नागरिक अस्पताल लाया गया। इसमें एक वर्ष का आर्यन, दस वर्ष के आशीष सहित आठ वर्ष की नंदिनी, 14 वर्षीय साक्षी, उसका हम उम्र लोकेश सहित 34 वर्ष की शीला, 40 वर्ष का ईश्वर दास, 40 वर्ष की निर्मला, 37 वर्षीय रामकुमार, 28 वर्षीय बबलू पूरी तरह से सुरक्षित रहे। कुल 16 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
नागरिक अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट (डीएमएस) डॉ. मनीष राठी ने बताया कि कुल 29 लोग उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाए गए थे। इसमें से 16 को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वह सभी पूरी तरह से स्वस्थ थे। इस हादसे में शिकार हुए 13 लोग फिलहाल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किए गए हैं। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयमाला ने बताया कि ज्यादातर मरीज 30 फीसदी तक झुलसे हुए हैं। ऐसे सभी मरीजों को जिला अस्पताल में पूरा इलाज दिया जा रहा है। कुछ को माइनर सर्जरी की भी आवश्यकता है। इसकी सुविधा अस्पताल में उपलब्ध है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि सभी उपचाराधीन मरीजों की हालत स्थिर है। उनके हाथ-पैर, आंख जैसे हिस्सों पर जलने के कारण घाव बने हैं। ऐसे मरीजों को नागरिक अस्पताल में पूरा उपचार मिल रहा है। एक दंपती ज्यादा झुलस गए। डीप बर्न के कारण उन्हें दिल्ली स्थिति सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
दंपती को किया दिल्ली रेफर
बस में बुधवार रात अचानक आग लगने के कारण दो महिलाएं इस कदर झुलस गई थीं कि उनकी मौके पर मौत हो गई। एक दंपती को भी बुरी तरह झुलसी हुई हालत में नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया था। दोनों की हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के पश्चात अस्पताल प्रशासन ने उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल सात वर्षीय दिनेश, 18 वर्षीय राम नारायण, 19 वर्षीय पूरण लाल, 18 वर्षीय कालीचरण के साथ कुल 13 मरीज जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं।