गुरुग्राम। फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर वेस्ट टू एनर्जी (कूड़े से बिजली) प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया अगले 5-6 माह में शुरू हो सकती है। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट स्थापित करने के लिए केंद्र की तरफ से स्वीकृति मिल चुकी है। बंधवाड़ी स्थित लैंडफिल साइट पर लगातार बढ़ते कूड़े के पहाड़ को देखते हुए अप्रैल 2018 में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना बनी थी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने खुद इसकी घोषणा की थी।
इस बारे में संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) धीरज कुमार ने बताया कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के लिए जमीन को खाली करने का काम चल रहा है। वहीं बायोमाइनिंग का भी काम चल रहा है। 9 ट्रोमल मशीनों के जरिए रोजाना कूड़े को प्रोसेस करके खाद तैयार की जा रही है और इसी के जरिए जमीन भी खाली कराई जा रही है। हालांकि, उन्होंने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के निर्माण में मौसम को एक बड़ा बाधक बताया।
रोजाना प्रोसेस हो रहा 3-4 हजार टन कूड़ा
दरअसल, बारिश के दौरान बंधवाड़ी डंपिंग साइट पर काम पूरी तरह से ठप हो जाता है। इस समय 9 ट्रोमल मशीनों के जरिए रोजाना 3-4 हजार टन कूड़ा प्रोसेस हो रहा है। कूड़े से पैदा होने वाली खाद को नगर निगम की तरफ से बागवानी विभाग को दिया जा रहा है जबकि इलाके के किसान भी इस खाद का व्यापक तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। बंधवाड़ी में पहले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के जरिए 15 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 मेगावाट तक कर दिया गया है। प्लांट स्थापित करने का जिम्मा कूड़ा निस्तारण करने वाली कंपनी ईकोग्रीन को ही दिया गया है।
35 लाख टन कूड़े का पहाड़ बन चुका है
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट स्थापित करने के लिए 10 एकड़ जमीन चाहिए जबकि बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर नगर निगम की 30 एकड़ जमीन है। विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली साफ तौर पर सवालों के घेरे में है क्योंकि पिछले ढाई साल के दौरान जमीन खाली कराने का काम चल रहा है लेकिन अब तक पर्याप्त जमीन नहीं मिल सकी है। नतीजा यह है कि प्लांट स्थापित न होने से बंधवाड़ी में 35 लाख टन कूड़े का पहाड़ बन चुका है। वहीं, पहाड़ की ऊंचाई करीब 40 मीटर से भी ज्यादा है। गुरुग्राम और फरीदाबाद से रोजाना करीब 1500 टन कूड़ा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पहुंच रहा है।
केंद्र की तरफ से पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित करने पर काम अगले 5-6 माह में शुरू हो जाएगा। कूड़ा कम करने के लिए प्रोसेसिंग का काम लगातार चल रहा है।
- धीरज कुमार, संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन)