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गुरुग्राम: फिर से निर्माण का आदेश न होने तक फ्लैट नहीं करेंगे खाली

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चिनटेल्स सोसाइटी के गेट पर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करते निवासी
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चिंटेल्स सोसाइटी के निवासियों ने किया ऐलान, सोसाइटी के गेट पर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में रहने के लिए असुरक्षित घोषित कि गए डी, ई और एफ टावर को खाली करने के संबंध में रविवार को वहां के क्लब पर आम सभा हुई। इसमें निवासियों ने तय किया कि जब तक फ्लैट के बदले फ्लैट देने की मांग पर फ्लैटों का फिर से निर्माण करने का आदेश नहीं हो जाता है तब तक निवासी अपने फ्लैट खाली नहीं करेंगे। इससे पहले निवासियों ने सोसाइटी के गेट पर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। टावर डी, ई, एफ, जी और एच के निवासी इसमें शामिल रहे।
174 परिवार हैं जो फ्लैट के बदले फ्लैट देने की मांग कर रहे हैं। 10 फरवरी 2022 को सोसाइटी की डी टावर में हादसा हुआ। इसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। हादसे की जांच के लिए जिला प्रशासन ने कमेटी गठित की, जिसकी रिपोर्ट पर नवंबर 2022 में जिला प्रशासन ने डी टावर को असुरक्षित घोषित कर दिया था। अब 13 फरवरी को जिला प्रशासन ने सोसाइटी की ई और एफ टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया। इन दोनों सोसाइटियों में 40 परिवार रहते हैं। तीन टावरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिए जाने के बाद अब वहां के निवासियों को अपना पैसा नहीं मिलने का डर सता रहा है। दो अन्य टावर जी और एच की संरचनात्मक ऑडिट हो चुका है और उसकी भी रिपोर्ट जल्द ही सार्वजनिक की जानी है।
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इसी के चलते आम सभा बुलाई गई। इसमें 174 फ्लैट मालिकों ने तय किया कि अब उनकी मांग है कि बिल्डर उन्हें पैसा न दे बल्कि फ्लैट के बदले फ्लैट बना कर दे। इसके बाद सभी लोग सोसाइटी के गेट पर पहुंचे और बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मामले में शनिवार को ही सीबीआई ने पंचकूला की सीबीआई अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें बिल्डर सहित एक अन्य को आरोपी बनाया गया है।
चिंटेल्स पैराडाइसो की रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष राकेश हुड्डा कहते हैं कि हमारी मांग है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग यहां के निवासियों से मिले और पुनर्वास संबंधी उनकी समस्या पर हस्तक्षेप करे। साथ ही एक निर्धारित समय सीमा के अंदर फ्लैटों का फिर से निर्माण करके यहां के आवंटियों को सौंपने के संबंध में आदेश दिया जाए। तभी यहां के पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा। केवल टावरों को खाली कर देने के आदेश जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी मिलने की योजना है।
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प्रशासन जो दर दे रहा वह भी बाजार मूल्य से कम

गुरुग्राम। आम सभा में आरडब्ल्यूए ने बताया कि मौजूदा हालात में दो विकल्प हैं। बिल्डर 5500 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर से मुआवजा देने की पेशकश कर रहा है। जबकि प्रशासन ने 6479 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर, के साथ स्टांप शुल्क, इंटीरियर का खर्चा देने की पेशकश की है। हालांकि यह दर भी बाजार की मौजूदा दर से कम है। सभा में यह भी बात सामने आई कि वह लोग जो रहने के लिए असुरक्षित घोषित की गई टावरों को खाली कर गए हैं, वह भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें किराया नहीं मिल रहा है। इस बीच कुछ फ्लैट मालिकों ने अपने खाली किए फ्लैटों में फिर से रहने की ख्वाहिश जाहिर की।
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