उपभोक्ता आयोग से
50,000 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज दर से वापस करेंगे डेकोरेटर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शादी की सजावट के लिए अग्रिम राशि लेने के बाद सेवा न देने पर वेंडरों को मुआवजा देना होगा। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने यह आदेश दिया है।
सेक्टर-83 निवासी सुदर्शन कुमार शर्मा ने आयोग में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि बेटे की शादी के लिए सोहना रोड स्थित जैन फार्म्स में सजावट हेतु सौभाग्य अग्रवाल, प्रितम यादव और दीपांशु से संपर्क किया। उन्हें 50,000 रुपये अग्रिम राशि दी गई थी। वेंडरों ने ईमेल से इसकी पुष्टि भी की थी। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण शादी स्थगित करनी पड़ी। फरवरी 2021 में शिकायतकर्ता ने वेंडरों को नई तारीख (22 से 24 अप्रैल 2021) की जानकारी दी। मार्च 2021 के दौरान वेंडरों ने फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से उन्होंने सेवा देने में असमर्थता जताई।
शादी नजदीक होने से शिकायतकर्ता को दूसरे डेकोरेटर की सेवाएं लेनी पड़ीं। इसमें उन्हें 25,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि सौभाग्य अग्रवाल, प्रितम यादव और दीपांशु 50,000 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज दर से वापस करें। मानसिक परेशानी के लिए 15,000 रुपये मुआवजा और कानूनी खर्च के लिए 11,000 रुपये भी देने होंगे।