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जलभराव की समस्या होगी खत्म

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गुरुग्राम। बारिश से पहले साइबर सिटी के प्रशासनिक अधिकारी जलभराव न होने के दावे कर रहे हैं। इस बार बादशाहपुर के पास ड्रेन की चौड़ाई बढ़ाकर अफसरों ने जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया है। इसके अलावा साइबर सिटी के अन्य क्षेत्रों में जलभराव और समस्या का समाधान कराने के बारे में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
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केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत ने जिला उपायुक्त, जीएमडीए के सीईओ और निगमायुक्त के साथ अब तक की तैयारियों की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन के लिए काम कर रही ईकोग्रीन कंपनी के खिलाफ मिल रही शिकायतों को भी गंभीरता से लिया और इस कंपनी के दोषी पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान जीएमडीए के सीईओ सुधीर राजपाल ने कहा कि साइबर सिटी में मानसून से पहले जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल जल निकासी के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) टीम बना दी हैं। जो कि मौके पर पहुंचकर बारिश के पानी की समय से निकासी करा सकें।
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यह है जलभराव वाला स्थान
हीरो होंडा चौक गांव खांडसा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-48 पर बना अंडरपास। आसपास बंद नाले। इस स्थान पर जलभराव होने की वजह बादशाहपुर के पास ड्रेन का कम चौड़ा होना है। इस बार चौड़ाई बढ़ा दी गई है। इस बारिश में पता चलेगा कि जलभराव की समस्या का समाधान कितना हुआ है। यहां से बारिश के पानी की निकासी के लिए निगम को मशीनें खरीदने की सलाह दी गई।
जीएमडीए ने बनाई क्यूआरटी
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल ने कहा कि जल निकासी के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई है। इनके पास मशीनें और मोबाइल पंप होंगे। इस टीम के साथ नगर निगम का अमला भी जुड़ा रहेगा। टीम का मुख्यालय ताऊ देवीलाल स्टेडियम में रहेगा। ताकि कहीं से भी जलभराव की शिकायत मिलने पर उसका जल्द समाधान किया जा सके।
इस ड्रेन में पीछे से 2300 क्यूसेक पानी आता था, जबकि गांव खांडसा के पास इसके पानी की निकासी की क्षमता 800 क्यूसेक होने की वजह से हीरो होंडा चौक और पीछे के क्षेत्रों में जलभराव होता था। इस बार 33 मीटर चौड़ाई बढ़ाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। 25 जून तक पूरा होने की उम्मीद है। किसी कारणवश बरसात पहले आ जाती है या निर्धारित तिथि तक यह काम पूरा नहीं भी हो पाता तो पहले से बनाई गई कच्ची ड्रेन पानी निकालने के लिए बना दी जाएगी । इससे कि दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और हीरो होंडा चौक पर पानी नहीं भरेगा। अगर ज्यादा बारिश हुई तो एक बार भर भी गया तो जल्द खाली हो जाएगा।
जलभराव वाले हैं 20 स्थान
नगर निगम और जीएमडी की एक कमेटी गठित करके जलभराव वाले 20 जगहों की पहचान की गई है। इनमें 15 स्थल जीएमडीए, 4 नगर निगम और एक डीएलएफ के क्षेत्र में हैं। जीएमडीएम के 15 जसभराव वाले जगहों में से 12 पर काम या तो पूरा कर लिया गया है या 25 जून तक कर लिया जाएगा। निगम क्षेत्र में 600 किलोमीटर ड्रेन की सफाई का 25 जून तक पूरी हो जाएगी।
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