निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी से होली पर घर जाना हुआ महंगा
नंबर गेम - 30 से 50 प्रतिशत अधिक वसूल रहे किराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। होली के त्योहार पर घर जाने वाले प्रवासियों की मजबूरी निजी बस संचालकों के लिए मोटी कमाई का जरिया बन गई है। गुरुग्राम से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले रूटों पर किराये में 30 से 50 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी जा रही है। जो टिकट सामान्य दिनों में 800 से 1000 रुपये की होती थी, वह अब 1500 से 1900 रुपये तक बेची जा रही है।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग और तत्काल टिकट न मिलने के कारण यात्रियों के पास इन निजी बसों के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। यात्रियों का आरोप है कि प्रशासन की नाक के नीचे उनकी जेब पर डाका डाला जा रहा है। इतना ही नहीं, बस संचालक बसों में 40 यात्रियों की जगह 55 से 60 सवारियां बैठकर ले जाते हैं।
घर जाना जरूरी...
हर साल यही हाल होता है। किराया अचानक 500 से 600 रुपये बढ़ा देते हैं। हमारे जैसे लोगों के लिए ये बहुत बड़ा बोझ है, लेकिन घर जाना भी जरूरी है। - राम
ट्रेन में टिकट नहीं मिलने के कारण बस से यात्रा करनी पड़ रही है। टिकट काउंटर से तत्काल की टिकट भी नहीं मिल पा रही। वहीं, टिकट एजेंट से लेने पर चार गुना मंहगा मिल रहा है। - संजीव कुमार
बिहार के मधुबनी जाने के लिए मैंने 30 घंटे पहले 1200 में ऑनलाइन टिकट बुक कराया था। अब वहीं जाने के लिए 2000 मांग रहे हैं। मुझे अपने साथ किसी को ले जाना था। - अमित कुमार
टिकट बुक करते समय कहा था कि गाड़ी दो बजे निकल जाएगी। घर जाने के लिए सुबह से ही तैयारी चल रही थी। 12 बजे से आने के बाद अब पता चल रहा कि रात 8 बजे बस खुलेगी। - उर्मिला देवी