गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग ने अरावली में दोबारा से अवैध कब्जों का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे पूरा होने के बाद अवैध कब्जों को चिह्नित कर कार्रवाई की कार्ययोजना तैयार होगी। एक सप्ताह में सर्वे का कार्य पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सोहना और गुरुग्राम में पांच हजार अवैध कब्जे हैं। इनमें से 600 के खिलाफ तो पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कोर्ट में याचिका डाला है। वहीं एक हजार लोगों को गुरुग्राम प्रशासन की ओर से नोटिस थमाया गया है। 500 से अधिक तो बड़े फार्म हाउस ही बताए जाते हैं।
पॉल्यूशन बोर्ड की ओर से पिछले दिनों 430 अवैध फार्म हाउसों को चिह्नित कर उनकी सूची सोहना नगर परिषद को सौंपी थी। नगर परिषद ने 330 को नोटिस भी दे चुका है और करीब 40 के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा चुकी है। बावजूद इसके अरावली अवैध कब्जों और अवैध निर्माणों से मुक्त नहीं हो पा रही है। हालांकि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना को दर्शाने का प्रयास किया जाता रहता है। अब एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद वन विभाग हरकत में आया है।
सर्वे के बाद करेंगे कार्रवाई : डीएफओ
वन मंडल अधिकारी राजीव तेजयान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद दोबारा से अरावली में अवैध कब्जों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद अवैध कब्जों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोटिस देने का कार्य लगातार किया जा रहा है। नोटिस एक कानूनी प्रक्रिया है।