सेक्टर-113 में एम3एम बिल्डर के प्रोजेक्ट साइट पर हुआ हादसा
आक्रोशित मजदूरों ने प्रबंधन के अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
नंबर गेम- 5 पांच बजे शाम में हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-113 में शुक्रवार को शाम पांच बजे एम3एम बिल्डर के स्मार्ट वर्ल्ड प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन इमारत की 19वीं मंजिल से गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य मजदूर घायल हो गया। घटना के बाद गुस्साए श्रमिकों ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों की पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि किसी भी पक्ष की तरफ से किसी के खिलाफ शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस इसे फिलहाल एक दुर्घटना का मामला मानकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच कर रही है कि हादसे के समय सुरक्षा में क्या-क्या इंतजाम किए गए थे। मृतक की पहचान बिहार के कटिहार निवासी 19 वर्षीय दिलखुश के रूप में हुई। उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल के वासुदेव घायल हुए हैं।
सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप
श्रमिकों का कहना है कि कार्य करने के दौरान पैर फिसलने व खराब सुरक्षा उपकरणों के कारण दोनों नीचे आ गिरे। वासुदेव बीच के फ्लोर पर अटक गए, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, दिलखुश की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्मार्ट वर्ल्ड कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। श्रमिकों ने उन्हें घेर लिया और सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया। मजदूरों ने अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। अधिकारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। साइट पर काफी देर तक अराजकता और तनाव का माहौल बना रहा।
मजदूरों को समझा-बुझाकर शांत करवाया
घटना की संवेदनशीलता और भारी हंगामे की सूचना मिलते ही बजघेड़ा थाना प्रभारी सुनील पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले उग्र हो रहे श्रमिकों को शांत कराने का प्रयास किया। कुछ देर में आक्रोशित मजदूरों को समझा-बुझाकर शांत करवाया गया। पुलिस ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले में कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
इस हादसे ने गुरुग्राम में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूरों का आरोप है कि बिल्डर और ठेकेदार श्रमिकों की जिंदगी को दांव पर लगा देते हैं। ऊंचाई पर काम करने के बावजूद उन्हें आवश्यक सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट या सेफ्टी नेट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में लापरवाही बरती जाती है। श्रमिकों ने इन सुरक्षा उपकरणों की कमी पर चिंता जताई है। यह लापरवाही अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है।