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Gurugram News: जानलेवा हमले में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद

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पीड़ितों को साढ़े सात साल बाद मिला न्याय
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अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साढ़े सात साल पहले लड़ाई-झगड़े के दौरान जानलेवा चोट मारने के मामले में पीड़ितों को अब न्याय मिला है। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्षों की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है।
2 मई 2018 को बिलासपुर थाने में एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत दी थी कि 1 मई 2018 को उसकी बहन ने बताया कि शौकीन ने उसके साथ गलत काम किया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता व उसका पिता जब शौकीन के घर पर गए तो वहां पर जाकिर, शौकीन, जफरू, साहुन व हसीना मौजूद मिले। जब शौकीन के पिता जाकिर से बात करने लगे तो साहुन ने घर का दरवाजा बंद कर दिया और शौकीन व जफरू ने पिता-पुत्र के साथ रॉड, डंडों से हमला कर दिया व उनको जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिलासपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
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मामले में हत्या करने की नियत से चोटें मारने की वारदात को अंजाम देने की पुष्टि होने पर एफआईआर में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 आईपीसी भी जोड़ी गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों शौकीन व जफरू को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी गुरुग्राम के ऊटोन कलां गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाह एकत्रित करके अदालत में पेश किए।
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गुरुग्राम पुलिस द्वारा मामले में अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट व एकत्रित किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर बुधवार को एडिशनल सेशन जज सुनील कुमार दीवान की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। आरोपियों को धारा 307, 34 आईपीसी के तहत 10 साल की कैद (कठोर कारावास) 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323, 34 आईपीसी के तहत छह माह की कैद व पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 506, 34 आईपीसी के तहत दो वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
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