डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करने का मामला
मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का दिखाया डर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाता बेचने के मामले में दो आरोपी राजस्थान के कोटा से 18 जुलाई को गिरफ्तार किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के बाद अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान ने बताया कि आरोपी की पहचान कोटा (राजस्थान) के इंद्रा बस्ती निवासी अरबाज मंसूरी (19 वर्ष) और गोविंद नगर के मोहम्मद फरहान (19 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि मामले में ठगी गई राशि में से करीब 2.50 लाख रुपये आरोपी अरबाज मंसूरी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे।
आरोपी अरबाज ने अपना बैंक खाता 10 हजार रुपये में आरोपी मोहम्मद फरहान को बेचा था। आरोपी मोहम्मद फरहान ने यही बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को 20 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने अरबाज मंसूरी के बैंक खाते को ठगी के रुपये ट्रांसफर करने के लिए प्रयोग किया।
30 मार्च को एक व्यक्ति ने साइबर अपराध थाना पश्चिम को दी शिकायत में बताया कि उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने पुलिस अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाया और डिजिटल अरेस्ट करके उससे रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई करते हुए बैंक खाता धारक सहित दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं।