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Gurugram News: दो सीएससी में मिलेंगी ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं, नहीं करना पड़ेगा रेफर

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- स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की कागजी कार्यवाही, बढ़ेंगी मशीनें और मेडिकल उपकरण
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- सड़क हादसों में जान गंंवाने वालों की संख्या में आएगी कमी

मोहित शुक्ला
नूंह। मेवात में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने मेवात के दो सीएचसी सेंटर में ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं देने का फैसला लिया है। इससे पूर्व मेडिकल कॉलेज व सिविल अस्पताल में भी ट्रॉमा सेंटर शुरू किए जाने को भी हरी झंडी मिल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को इसके लिए कागजी कार्यवाही शुरू कर दी है। सीएसी सेंटरों में यह सुविधाएं मिलने से सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को समय से उपचार मिल सकेगा तथा उन्हें रेफर नहीं करना पड़ेगा।

मेवात में 2023 में 190 लोगों ने सड़क हादसों में जान गवाई है। वहीं, 2024 में 181 लोग सड़क हादसों के शिकार हुए हैं। सड़क हादसे में समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोग दम तोड़ देते हैं। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने हाइवे व मुख्य सड़कों के पास स्थित अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में फरवरी में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मेवात के दो सीएचसी में भी ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं देने की सहमति बन गई है। आपको बताते चलें इससे पूर्व सिविल अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में भी ट्रामा सेंटर शुरू करने को लेकर सरकार की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है। नूंह के तावडू स्थित सीएचसी नूंह से तावडू जाने वाले मुख्य रास्ते पर स्थित है यहां पर रोजाना दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यहां पर सड़क हादसे के घायल भी रोजाना आते हैं। अभी सीएचसी में गयानी ऑपरेशन, एक्स-रे जैसी सुविधाओं के साथ कई टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। वहीं पुन्हाना सीएचसी में भी मुख्य मार्ग के पास मौजूद होने केे कारण रोजाना सड़क हादसे के मरीज पहुंचते हैं।
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घायलों को मिलेगा बेहतर उपचार
मेवात में पिछले दो साल में 821 सड़क हादसे हुए हैं इनमें 371 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार हर माह करीब 15 लोगों की जान सड़क हादसों में जा रही है। वहीं, 2023 में 50 व 2024 में 44 लोग सड़क हादसे में गंभीर घायल हो चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में चार जगह ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं मिलने के बाद सड़क हादसे में होने वाली मौत की संख्या में कमी आएगी।

अभी मशीनें व उपकरण मिलेंगे
अधिकारियों के अनुसार दो सीएचसी में ट्रामा सेंटर की तरह आपातकालीन स्थिति में काम आने वाली सभी मशीनें व उपकरण लगाए जाएंगे। अभी किसी सीएचसी में स्टाफ बढ़ाने के आदेश नहीं है। मौजूदा डॉक्टर व स्टाफ ही घायल लोगों का इलाज करेंगे।
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चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। सीएचसी में मौजूदा स्टाफ ही नई मशीनों व उपकरणों से घायलों का इलाज करेंगे। - डॉक्टर सरबजीत थापर, सीएमओ मांडीखेड़ा अस्पताल
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