स्कूली बच्चे डर के साये में स्कूल आने को मजबूर
सरकार ने सुध न ली तो हो सकता है बड़ा हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। पटौदी खंड के गांव रणसिका में अमर शहीद कैप्टन कपिल कुंडू राजकीय प्राथमिक पाठशाला में कुल छह कमरे हैं। तीन कमरे पूरी तरह से जर्जर होने के कारण हमेशा डर का माहौल रहता है। अगर सरकार ने समय पर स्कूल की सुध न ली तो राजस्थान के झालावाड़ के सरकारी स्कूल जैसा हादसा हो सकता है।
बता दें कि गांव का स्कूल कक्षा पहली से पांचवीं तक है और स्कूल में कुल 26 बच्चे हैं। इधर ग्राम सरपंच दीपक कुमार ने बताया कि अमर शहीद कैप्टन कपिल कुंडू राजकीय प्राथमिक पाठशाला रणसिका के स्कूल के तीन कमरे पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस कारण से स्कूली बच्चे डर के साये में स्कूल आने पर मजबूर हैं तथा सरकार स्कूल के कमरों को तुरंत प्रभाव से दोबारा से बनवाए ताकि किसी प्रकार की कोई घटना न घट जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में में सोमवार को हेलीमंडी स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय में संबंधित अधिकारी से मिलेंगे।
इधर ग्राम की पूर्व सरपंच मीना कुमारी ने बताया कि गांव के स्कूल की बिल्डिंग जर्जर होने के कारण कभी भी गिर सकती है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान स्कूल की बिल्डिंग बनवाने के लिए शिक्षा विभाग को कई पत्र लिखे हैं एवं प्रस्ताव दिए लेकिन कभी भी स्कूल को ठीक करने की सुनवाई नहीं हो पाई। ऐसे में कभी लैंटर गिर सकता है। उन्होंने बताया कि स्कूल के कमरों की बुरा हाल है। जर्जर कमरे होने के कारण अतीत में बच्चों के ऊपर प्लास्टर गिरा भी हुआ है गनीमत ये रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। शहीद के नाम से स्कूल की जर्जर हालत में होने से गंभीर समस्या बनी हुई है। बरसात में छत टपकती है।
इधर स्कूल इंचार्ज महेश कुमार ने बताया कि स्कूल में कुल छह कमरे हैं और तीन कमरे बुरी तरह से जर्जर हो चुके है। अभी हाल ही में ग्राम सरपंच को भी मौखिक रूप से अवगत कराया है एवं विधानसभा चुनावों से पहले स्कूल में तत्कालीन विधायक पहुंचे थे तब उस समय ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि स्कूल के जर्जर कमरों को बनवाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के जर्जर कमरे बनाने को लेकर लगभग दो-ढाई साल से 12 लाख रुपये की ग्रांट अटकी पड़ी है। उन्होंने बताया कि जर्जर कमरे होने के कारण पिछले तीन-चार वर्ष से बच्चों को उन कमरों में नहीं बिठाते हैं और बाकी तीन कमरे हैं जिनमें ऑफिस में क्लास लगाते हैं और दूसरे कमरे में पहली व दूसरी के बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है तथा तीसरे कमरे में पानी की मोटर व अन्य सामान आदि रखा हुआ है।
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