मनी लॉन्ड्रिंग के केस की धमकी देकर किया था पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मुंबई पुलिस का डिप्टी एसपी बनकर एक युवक को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक आरोपी बैंक कर्मचारी और दो आरोपी ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने में शामिल थे। आरोपियों की पहचान गुजरात के जिला वड़ोदरा के ओप बंधन पार्टी निवासी अर्जुन, परबाड़ी निवासी गोहिल अजय भाई और रणजीत नगर निवासी संग्राम सिंह के रूप में हुई है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध दक्षिण थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
22 जुलाई को पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके पास एक कॉल आई थी। मोबाइल पर बात करने वाले ने मुंबई पुलिस में डिप्टी एसपी बताते हुए कहा कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में नाम शामिल है। उसका गिरफ्तारी वारंट निकल गया है। इसके बाद उसने पीड़ित से रुपये ट्रांसफर करवा लिए। साइबर अपराध दक्षिण प्रबंधक निरीक्षक नवीन कुमार की टीम ने आरोपियों को शनिवार को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस मामले में ठगी गई राशि में से चार लाख 30 हजार रुपये आरोपी अर्जुन के खाते में आए थे। उसने यह बैंक खाता अन्य आरोपी को खाते में राशि आने की एक प्रतिशत के कमीशन पर बेचा हुआ था। आरोपी गोहिल अजय के बैंक खाते में ठगी गई राशि में से 17 लाख रुपये आए थे। आरोपी अपना बैंक खाता आरोपी संग्राम को बेचा था ।
आरोपी संग्राम वड़ोदरा में ही बंधन बैंक में सेल्समेन के पद पर था। उसने यह बैंक खाता अन्य युवक को बेच दिया था। 17 लाख रुपये में से सात लाख रुपये आरोपी गोहिल अजय और पांच लाख रुपये आरोपी संग्राम सिंह ने लिए थे। पांच लाख किसी अन्य व्यक्ति को दिए थे।