दलित युवक पर हमला और जातिसूचक शब्द बोलने का माला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फर्रुखनगर थाना अंतर्गत जाटौला गांव में दिवाली पर हुई कहासुनी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने दलित युवक पर हमला किया। आरोपियों ने दलित युवक के घर में घुसकर मारपीट की। परिवार को भी धमकी दी। पुलिस का कहना है कि लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
जाटौला गांव निवासी कार्तिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बृहस्पतिवार देर शाम अपने प्लॉट में बैठा था। इसी दौरान जाटौला गांव के नाबालिग आरोपी, अंकित यादव व आशू स्वामी सहित चार-पांच लड़के बाइकों से आए। आते ही कार्तिक से कहा कि वह शिवम के साथ बहुत रहता है। इसी दौरान नाबालिग आरोपी ने उसकी कमर पर डंडा मार दिया और इसके बाद अन्य ने भी थप्पड़ व मुक्के मारे। कार्तिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक आरोपी के उसके मुंह पर पेशाब कर दिया और जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी।
कार्तिक आरोपियों से छूटकर अपने घर की ओर भागा तो उसका पीछा किया। घर में घुसकर भी उसके साथ मारपीट करते हुए कार्तिक व उसके परिवार वालों को मारने की धमकी दी। जब गली में भीड़ एकत्रित होने लगी तो आरोपी मौके से भाग गए। कार्तिक की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने फर्रुखनगर थाने में एफआईआर दर्ज करके आगामी कार्रवाई करते हुए नाबालिग समेत नौ आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई एक बाइक बरामद की है।
आरोपियों की पहचान जाटौला गांव निवासी अंकित, हिमांशु, आशू, पवन व अभय, फर्रुखनगर निवासी योगेश, रेवाड़ी के कंवाली गांव निवासी रचित और रेवाड़ी के खोल गांव निवासी अंशु के रूप में हुई है। आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि उनकी शिकायतकर्ता कार्तिक के साथ 20 अक्तूबर को दिवाली के दिन पटाखे चलाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश रखते हुए उन्होंने वारदात को अंजाम दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है। पीड़ित के मुंह पर एक लड़के द्वारा पेशाब करने की बात पर पुलिस अभी कुछ नहीं कह रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पता चल सकेगा कि यह आरोप सही या गलत हैं। सहायक पुलिस आयुक्त (पटौदी) सुखबीर सिंह ने बताया कि दलित युवक से मारपीट मामले में दी गई शिकायत की गहनता से मामले की जांच की जा रही है ताकि अन्य बिंदु भी सामने आ सकें।