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Gurugram News: सावन में सेहत का मंत्र

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इस मौसम में सोमवार या तीज का व्रत रखना शरीर को डिटॉक्सिफाई करने का सबसे बेहतरीन तरीका
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सावन और मानसून के पावन महीने में सेहत का ध्यान रखना एक बड़ी चुनौती होती है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में हमारी पाचन अग्नि मंद पड़ जाती है, जिससे गैस और एसिडिटी (वात) की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में सावन के सोमवार या तीज का व्रत रखना शरीर को डिटॉक्सिफाई करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। वहीं, त्योहारों की मिठास बढ़ाने वाला पारंपरिक घी, चीनी और केसर से बना घेवर न सिर्फ स्वास्थ्यवर्धक है, बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देता है। बस ध्यान रखें कि मलाई वाले घेवर और बासी खाने से दूर रहें।
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सजग रहने से सेहत पर नहीं पड़ेगी मौसम की मार


कई लोग पूरे सावन फलाहार का व्रत रखते हैं। उपवास के बाद तली हुई चीजें नहीं खानी चाहिए। इस मौसम में दही, बैगन और साग का प्रयोग नहीं करना चाहिए। -डाॅ गीतांजलि अरोड़ा, पंचकर्मा विशेषज्ञ, आयुष विभाग
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त्योहार मनाने के साथ हाइजीन बहुत जरूरी है। देर तक रखे कटे फल बिल्कुल न खाएं। व्रत उपवास के दौरान नारियल पानी, नीबू पानी जैसे तरल लगातार लेती रहे। -चारू डायटीशियन, सिविल अस्पताल
इस मौसम में पानी बरसने के कारण पत्तों में कीट उत्पन्न हो सकते हैं इसलिए पत्तेदार साग खाना स्वास्थ्य कर नहीं होता। साथ ही बैंगन, अरहर, चने की दाल आदि के सेवन से बचना चाहिए। -डॉ. मंजू बांगड़ जिला आयुष अधिकारी
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व्रत उपवास और त्योहार के इस मौसम में महिलाओं को 5-10 मिनट अनुलोम विलोम प्राणायाम जरूर करना चाहिए। एक हरड़ भूनकर मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसें। -योगाचार्य डॉ. भूदेव,
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